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राजस्थान में यहां रेलवे में क्लर्क की नौकरी के लिए दिए 16 लाख, उसने थमाया ज्वाइनिंग का फर्जी लेटर, जानें पूरा मामला

Rajasthan News : सांचौर जिले के अंतर्गत चितलवाना थाना क्षेत्र का मामला है। 12 जून को दर्ज हुए प्रकरण में एक युवक को रेलवे में क्लर्क की नौकरी का झांसा देकर 16 रुपए ठगे गए। ठगी का यह सिलसिला 11 माह तक चलता रहा और आखिरकार अब मामला दर्ज हुआ है।

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Jalore News : गलत माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल करने की चाहत युवाओं को पथ भ्रष्ट कर रही है, अनैतिक माध्यम से ऐसी चाहत को पूरा करने वालों का ठगों से सामना हो रहा है और शॉर्टकट के चक्कर में ऐसे युवा लाखों रुपए गंवा रहे हैं। मामला सांचौर जिले के अंतर्गत चितलवाना थाना क्षेत्र का है। 12 जून को दर्ज हुए प्रकरण में एक युवक को रेलवे में क्लर्क की नौकरी का झांसा देकर 16 रुपए ठगे गए। ठगी का यह सिलसिला 11 माह तक चलता रहा और आखिरकार अब मामला दर्ज हुआ है।

डावल निवासी घेवरचंद पुत्र फताराम मेघवाल ने चितलवाना थाने में ठगी के इस मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज करवाया है। डावल निवासी घेवरचंद पुत्र फताराम मेघवाल ने 31 मई 2023 से लेकर मई 2024 की शुरुआत तक हुई 16 लाख रुपए की इस ठगी में क्रमश: डावल निवासी कानाराम पुत्र आईदानाराम, हिंगोटा (दौसा) निवासी राजेंद्र पुत्र चमनलाल, डावल निवासी रामकिशन और किशोर कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज किया है।

नौकरी की चाहत में ठगी की आहट सुनाई नहीं दी

रिपोर्टकर्ता ने बताया कि उसने बीए फाइनल कर रखी है। पिता फताराम के साथ मकान चिनाई का काम ठेके पर लेता हूं। 11 माह पूर्व 2023 में पड़ौस में रहने वाले कानाराम पुत्र आईदानाराम मेघवाल घर आया और प्रार्थी व उसके पिता को बैंक लोक विधि भर्ती बिना परीक्षा रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने की बात कही। इस दौरान उसने 16 लाख रुपए में बिना परीक्षा सीधी भर्ती नौकरी पर रखने की बात कही। जिसके झांसे में वे आ गए।

इस तरह शुरुआत हुई ठगी की

प्रार्थी व उसके पिता फताराम को फर्जी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कानाराम उन्हें जयपुर राजेन्द्र कुमार पुत्र धमनलाल मीणा निवासी-हिंगोटा, तहसील-बसवा, जिला- दौसा के पास लेकर गया। वहां राजेन्द्र मीणा ने अपने दो रिश्तेदारों को रेलवे में फर्जी ज्वाइनिंग के कागजात दिखाकर उन्हें तरह झांसे में ले लिया। फिर राजेन्द्र मीणा व कानाराम ने प्रार्थी व उसके पिता को 16 लाख रुपए में रेलवे ग्रुप सी में लिपिकीय पद पर नौकरी दिलाने की बात कही।

तीन माह तक यूपी में भी रखा, तो भी ठगी का अहसास नहीं हुआ

16 लाख रुपए ऐंठने वाले शातिर ठगों ने 11 माह तक ठगी को अंजाम दिया और रुपए लेते रहे, लेकिन पीड़ितों को गड़बड़ी का अहसास तक नहीं हुआ। इस अवधि में ही प्रार्थी को लखनऊ ट्रेनिंग के लिए साथ ले गए और ढाई माह तक वहां रखा। इस फर्जी ट्रेनिंग के बाद प्रार्थी घर लौट आया। जिसके बाद आरेापियों ने उसे महाराष्ट्र राज्य के यवला जंक्शन पर पोस्टिंग का फर्जी लेटर तक थमा दिया। जब बाइ पोस्ट लेटर प्रार्थी को नहीं मिला और ठगी के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर दिया तो उन्हें गड़बड़ी का अहसास हुआ। पता करने पर सामने आया कि ऐसी कोई लिपिकीय भर्ती रेलवे की ओर से जारी नहीं की गई है। अंत में ठगी का खुलासा होने पर आरोपियेां को मामला दर्ज करवाने की धमकी तो उन्होंने रुपए लौटाने की बात कही, लेकिन रुपए नहीं लौटाए।

टोकन मनी से शुरुआत 16 लाख तक पहुंची

● दोनों आरोपियों ने टोकन मनी के नाम पर 26 हजार रुपए मांगे। पीड़ितों ने घर आकर 31 मई 2023 को कानाराम के खाता संख्या 61095025306 में 26 हजार रुपए जमा करवाए।

● 4 दिन बाद कानाराम व राजेन्द्र मीणा प्रार्थी के घर ग्राम डावल पहुंचे और उन्होंने और रुपए की मांग की, जिस पर उन्हें 25 हजार कैश दिए।

● 7 जून 2023 को 50 हजार रुपए फोन पे से जमा करवाए

● 1 जुलाई को राजेंद्र मीणा को रेलवे में मेडिकल करवाने की एवज में 80 हजार रुपए कानाराम के फोन पे पर जमा करवाए

● 17 जुलाई 2023 को मेडिकल टेस्ट के लिए कानाराम के खाते में 1 लाख जमा करवाए

● 1 अगस्त को उतरप्रदेश के हापुड़ स्टेशन पर ज्वाइनिंग के नाम पर 2.50 लाख रुपए दिए

● 29 अगस्त 2023 को कानाराम के आदी को 1.50 लाख रुपए दिए।

● 31 अगस्त को कानाराम खुद पहुंचा और 1.50 लाख रुपए और लिए।

● दो माह के अंतराम में किशोर नाम के व्यक्ति को पीड़ित के घर भेजकर 1.50 रुपए और ऐंठे।

● सितंबर माह में ही कानाराम खुद पीड़ित के घर पहुंचा और 1.50 लाख रुपए लेकर गया।

● 19 फरवरी 2024 को ज्वाइनिंग लेटर निकलवाने की एवज में 50 हजार रुपए कानाराम के खातें ट्रांसफर

● फरवरी अंत में ही आरोपियों ने बचे हुए रुपए की मांग की और 3 लाख हजार रुपए और ऐंठे।

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