
खोडेश्वर झरना क्षेत्र में बन रही 2 करोड़ की लव कुश वाटिका
जालोर. सुंधामाता कन्जर्वेशन रिजर्व फोरेस्ट में देशी पर्यटकों के लिए सरकार ने अच्छी पहल की है। रिजर्व क्षेत्र के प्रसिद्ध खोडेश्वर झरना क्षेत्र में लव कुश वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 2 करोड़ स्वीकृत किए हैं। अगले साल तक वाटिका बनकर तैयार होने से जालोर में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा।
मानसून सीजन में जालोर जिले में सबसे ज्यादा पर्यटन खोडेश्वर महादेव क्षेत्र के झरनों का लुफ्त लेने के लिए आते है। विशेषकर गुजरात सहित संभाग के पर्यटक झरनों में स्नान का आनंद लेते है। वन विभाग के रैंजर रायचंद सुथार ने बताया कि वाटिका के प्रथम चरण में 78 लाख प्राप्त हो गए हैं। वाटिका 20 हैक्टर यानि 125 बीघा भूमि में कैंटिन से झरनों तक होगी। अभी मुख्य द्वार, चारों तरफ फैंसिंग तार बंदी का कार्य प्रगति पर है। बाद में इसमें झोपड़े, बैंचेज, तालाब, बगीचा सहित झूले सहित कई प्रकार के मनोरंजन के साधन लगाए जाएंगे। दूसरी किश्त आने पर ओर भी आगे कार्य करवाया जाएगा।
वन विभाग ने बनवाया था गेस्ट हाउस
2011 के बजट घोषणा में गहलोत सरकार ने करीबन 15 हजार हैक्टर सुंधामाता के पहाड़ों को कन्जर्वेशन रिजर्व घोषित कर भालू अभयारणय और इको पर्यटक क्षेत्र बनाया था। बाद में इसमें 55 किमी फुट ट्रैक बनवाया ताकि टूरिस्ट पैदल सफारी के रूप में पहाड़ों का विचरण कर भालू देख सके। बाद में एक गेस्टहाउस, टूरिस्ट हट यानि झोपड़ी, झरनास्थल में बाथरूम सहित कई कार्य करवाए गए
बन सकता है वीकेंड प्वाइंट
जसवंतपुरा को पूर्व में लोहियाणा के नाम से जाना जाता था। कालांतर में मारवाड़ नरेश ने लोहियाणा को उजाड़ कर जसवंतपुरा बसाया। चंहुओर पहाड़ी क्षेत्र होने और प्रचुर तादाद में वन्य जीव होने के कारण 2011 में इसे सुंधामाता कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर इसे भालू अभयारण्य बनाया। इस क्षेत्र में कई रिजॉर्ट बन गए है। दर्जन भर होटल्स भी बनने लगे है। अब देशी टूरिस्ट इस जगह पर सप्ताहांत यानि वीकेंड का मजा लेने आ सकते है। पहाड़ों की पैदल सफारी का आयोजन भी डिमांड आने पर फॉरेस्ट महकमा रेडी है।
Published on:
22 Dec 2022 09:57 am
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