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पेयजल के लिए 38.92 करोड़ के बजट का अनुमोदन

योजना से बढ़ेगी स्टोरेज की क्षमता, शहरवासियों को मिलेगा नर्मदा का मीठा नीर

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योजना से बढ़ेगी स्टोरेज की क्षमता, शहरवासियों को मिलेगा नर्मदा का मीठा नीर

भीनमाल. चुनावी साल को देखते हुए सरकार व जनप्रतिनिधि दोनों सक्रिय नजर आने लगे हैं। जनता के तीखे तेवर के बाद अब जनप्रतिनिधियों को चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे अब याद आने लगे हंै। सरकार की ओर से कई सालों से लंबित नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत शहर की पेयजल योजना के लिए 38.92 करोड़ की योजना को लंबे इंतजार के बाद जलदाय विभाग की नीति निर्धारण समिति की बैठक में अनुमोदित किया गया है।
योजना के अनुमोदित होने के बाद जल्द ही इसकी वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। योजना का बजट मिलने के बाद शहर में पेजयल की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। वहीं शहरवासियों के नर्मदा के मीठे नीर से हलक तर होंगे। शहर में गर्मी शुरू होते ही शहर में पेजयल की मारामारी शुरू हो जाती है। जलदाय विभाग के पास संसाधनों, पुरानी जर्जर लाइनों व स्टोरेज की कमी होने से शहर में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती है।
राजस्थान पत्रिका की ओर से पेयजल समस्या को लेकर सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए सचेत किया। पत्रिका ने बारिश में बाढ़ झेली, अब सर्दी के मौसम में भी भीनमाल में जलसंकट के हाल..., पर्याप्त पानी फिर भी प्यासा शहर....., जर्जर पाइपलाइन से गडबड़ा रही है जलापूर्ति....., जल संचय ही आधा, कैसे बूझे भीनमाल की प्यास..... शीर्षक से सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर शहर में पेजयल समस्या, पुराने सिस्टम व स्टोरेज की समस्या को उजागर किया। जिसके बाद विधायक ने विधानसभा में शहर की पेजयल समस्या के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। जिसके चलते जलदाय विभाग की नीति निधारण समिति की बैठक में शहर की पेजयल योजना को अनुमोदित किया गया।
यह है योजना
योजना में नर्मदा के ईआर प्रोजेक्ट के तहत क्षेंमकरी माता मंदिर तलहटी के पास बने स्टोरेज प्वाईट से शहर में नर्मदा के नीर की जलापूर्ति के लिए नई पाइपलाइन व स्टोरेज के लिए उच्च जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। जलदाय विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत स्टोरेज प्वाईट से शहर में 178 00 मीटर डीआई पाइपलाइन, 38 792 मीटर एचडीपीई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। वहीं दस उच्च जलाशयों का निर्माण किया जाएगा।
बढ़ेगी स्टोरेज क्षमता
शहर में जनसंख्या के अनुपात में प्रतिदिन 5500 से 6 000 किलोलीटर जलापूर्ति की मांग है। लेकिन पानी के स्टोरेज के लिए बने उच्च जलाशयों की क्षमता केवल 2900 किलोलीटर है। ऐसे में शहर में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती है। योजना के तहत जलापूर्ति स्टोरेज के लिए दस उच्च जलाशयों का निर्माण होने के बाद स्टोरेज 56 00 किलो लीटर हो जाएगा। योजना में निबाली तालाब के पास 200 किलोलीटर, हाईस्कूल के पास 300 किलोलीटर, निलकण्ड महादेव मंदिर के पास 350 किलोलीटर के दो, बालसंमद के पास 500 किलोलीटर, पाश्र्वनाथ मंदिर के पास 6 00 किलोलीटर, बस स्टेण्ड के पास 700 किलोलीटर, अस्पताल रोड़ पर 8 00 किलोलीटर के दो व जगजीवनराम कॉलोनी में 1000 किलोलीटर के उच्च जलाशय बनेंगे।
योजना का अनुमोदन
&जयपुर में जलदाय विभाग की नीति निर्धारण समिति की बैठक में शहर की पेयजल समस्या के समाधान की मांग रखी। जिसके बाद बैठक में नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत शहर की पेयजल योजना के लिए 38 .92 करोड़ का अनुमोदन हुआ है। शीघ्र ही योजना की वित्तीय स्वीकृति के प्रयास करेगें। जिससे शहर की पेयजल समस्या का समाधान हो एवं शहरवासियों को पीने के लिए मीठा नीर मिल सके।
पूराराम चौधरी-विधायक