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छह करोड़ की स्वीकृति, साढ़े तीन करोड़ का कार्यादेश, फिर भी नेहड़ में प्यासे कंठ

बाढ़ से नहर टूटने पर पीएचईडी की ओर से ट्यूबवैल के लिए छह करोड़ की स्वीकृति मिलने के छह माह बाद भी लोगों को पेयजल के लिए पानी नसीब नहीं हो पाया हैं।

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jalorenews, jalore

बाढ़ से नहर टूटने पर पीएचईडी की ओर से ट्यूबवैल के लिए छह करोड़ की स्वीकृति मिलने के छह माह बाद भी लोगों को पेयजल के लिए पानी नसीब नहीं हो पाया हैं।


फैक्ट फाइल
स्वीकृत राशि- छह करोड़
कार्यादेशजारी- 3.6 करोड़
स्वीकृत ट्यूबवैल- 18 2
ट्यूबवैल शुरू- शून्य
चितलवाना. बाढ़ से नहर टूटने पर पीएचईडी की ओर से ट्यूबवैल के लिए छह करोड़ की स्वीकृति मिलने के छह माह बाद भी लोगों को पेयजल के लिए पानी नसीब नहीं हो पाया हैं।
ऐसे में गर्मी आने से पेयजल किल्लत बढ़ गई हैं। जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिक विभाग की ओर से जुलाई में आई बाढ़ से नहरे टूटने के बाद में पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए छह माह पहले करीब छह करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी।
लेकिन अब गर्मी का मौसम भी आ गया है, लेकिन लोगों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हो पाया है। अब नर्मदा नहर में भी पानी दुबारा आने की तैयारी चल रही, लेकिन विभाग के पैसे खर्च कर खुदवाए टयूबवैल शुरू ही नहीं हो पाए हैॅ।
छह करोड़ में 182 टयूबवैल स्वीकृत
नहर के टूटने के बाद लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से हर गांव में सिंगल फैस कनेक्शन के साथ टयूबवैल की स्वीकृति सितम्बर २017 में जारी की थी। लेकिन कई गांवों में ट्यूबवैल खुदवाने के बाद उन्हें शुरू ही नहीं किया गया।
ऐसे में लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ा। चूंकि अब गर्मी का मौसम आ गया है। ऐसे में पेयजल संकट बढ़ गया है।
साढ़े तीन करोड़ का कार्यादेश जारी
जलदाय विभाग की ओर से हर गांव में ट्यूबवैल खुदवाने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए का कार्यादेश भी जारी हो चुका है। जिसके तहत हर गांव में टयूबवैल खोदकर उसे पम्प लगाकर बिजली कनेक्शन तक देना है। इसके तहत कई गांवों में ट्यूबवैल खुद चुके है। लेकिन बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन भी नहीं किए गए। कुछ जगह आवेदन किए, लेकिन डिमांड नहीं भरा। ऐसे में उन ट्यूबवैल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
इनका कहना....
&नहर टूटने के बाद से लेकर गांवों में सप्लाई बंद हैं। लेकिन विभाग की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-आदुराम साऊ, उपसरपंच डावल
&ट्यूबवैल खुदवाकर तैयार कर दिए हैं। बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन किया हैं। कई ट्यूबवैल पर डिमांड भरा हैं। जो कनेक्शन नहीं होने से शुरू नहीं हो पाए है।
-दीपक शर्मा, कनिष्ठ अभियन्ता, जलदाय विभाग चितलवाना