
- मोदरा में मां आशापुरी माता मंदिर श्रद्धा और आसा का केंद्र, इस प्राचीन मंदिर में नवरात्रि महोत्सव में जुटती है श्रद्धालुओं की भीड़
मोदरा. मोदरा स्थित आशापुरी माता मंदिर जन जन की आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष बढ़ी संख्या में यात्री देश के विभिन्न क्षेत्रों से आशापुरी माताजी के दर्शन करने आते हैं। श्री आशापुरा माताजी के दर्शन करने आने वाले यात्री माताजी से अपनी आशाओं की पूर्ति के साथ जीवन में सुख एवं समृद्धि की मनोकामना करते हुए प्रसादी चढ़ाकर अपने आपको भाग्यशाली समझते हैं। मोदरा की श्री आशापुरी माताजी की कई नामों से पहचान है। मोदरा में इनका मंदिर होने के कारण वर्तमान में इसे मोदरा माताजी के नाम से भी जानते हैं। प्राचीन समय में महोदरा वर्तमान मोदरा स्थल के नाम से परिचायक रहा है, इस कारण महोदरी माताजी के नाम से भी इनकी पहचान है।
चमत्कारिक मंदिर है यह
माताजी ने महिषासुर का मर्दन किया था, इस कारण इन्हें महिषासुरमर्दनी के नाम से विशेष रूप से पुकारा जाता है। मोदरा माता, महोदरी माता के नाम से पहचान है वहां माताजी के देवी चमत्कारों से अब मोदरा को माताजी का गांव से ही लोग आसानी से पहचान जाते हैं। माताजी का गांव का उच्चारण करते ही लोग समझ जाते हैं कि यह मोदरा ही है जहां ऊंचे शिखर वाला श्री आशापुरी माताजी का भव्य मंदिर बना हुआ है।
मेले और नवरात्रि में विशेष प्रबंध
मोदरा आशापुरी माताजी के मंदिर आदि की सम्पूर्ण देखभाल करने के लिए श्री आशापुरी माताजी ट्रस्ट कमेटी, मोदरा (जिला-जालोर, राज.) का गठन किया हुआ है। इसके अन्तर्गत श्री आशापुरी माताजी तीर्थ पेढ़ी (कार्यालय) व्यवस्थित रूप से कार्यरत है। यह पेढ़ी कार्यालय मंदिर के नीचे आधुनिक साधन सुविधाओं से परिपूर्ण है। ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा ट्रस्टी पूर्ण मेहनत से ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहे है।
Published on:
02 Oct 2019 10:55 am
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