
Jalore suraj pole
जालोर. करीब एक साल की अनदेखी के कारण वर्कऑर्डर के बाद शहर की पोलों के अटके पड़े शहर सौंदर्यन पर आखिरकार विभाग की नींद जागी है। मामले में विभाग ने लापरवाह ठेकेदार के वर्कऑर्डर विड्राल करवाए हैं। साथ ही 10 प्रतिशल पेनल्टी भी लगाई है। अब शहर की प्रमुख पोलों के सौंदर्यीकरण के लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। जिसके बाद जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करवाया जाएगा। इधर, करीब एक साल से यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटका पड़ा था। प्रोजेक्ट में शहर की सूरजपोल, तिलक द्वार समेत अन्य पोलों का सौंदर्यकरण किया जाना था। इस प्रोजेक्ट में सूरजपोल के बाहर स्थित पोल भी शामिल थी।
पत्रिका ने प्रकाशित किया समाचार
पिछले साल सितंबर माह में इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रोसेस पूरा हुआ, लेकिन उसके बाद इस प्रोजेक्ट में संबंधित ठेकेदार द्वारा ढिलाई बरती गई। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 28 नवंबर को 'जालोर की पोलों के सौंदर्यन पर ठेकेदार की मनमर्जी पड़ रही भारीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया और अब नए सिरे से इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर होंगे।
पहचान बनेगी ये पोले
किसी समय में परकोटे के भीतर रहने वाले लोगों और दुर्ग की पहले स्तर की सुरक्षा के तहत इन पोलों का निर्माण करवाया गया था। इन पालों के साथ ही मजबूत परकोटे भी थे।समय के साथ शहर बढ़ता गया और परकोटे तो नहीं बचे, लेकिन ये पोलें अभी बची हुई है, लेकिन समय के साथ ये बदहाल हो चली है। इस स्थिति में इनके जीर्णोद्धार के लिए यह प्रोजेक्ट बना था और सरकार ने बजट जारी किया था, जो उदासीनता की भेंट चढ़ रहा था। आखिरकार अब नए सिरे से टेंडर से इस काम के पूरे होने की आस लगी है।
इनका कहना
निर्धारित समयावधि में काम नहीं करने पर वर्कऑर्डर विड्राल करने के साथ पेनल्टी लगाई गई है। पोलों के रिनोवेशन के लिए नए सिरे से जल्द टेंडर होंगे।
- तेजाराम, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
Published on:
05 Dec 2019 10:57 am
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