
Bhinmal Government Hospital Facilyties
भीनमाल. शहर का राजकीय चिकित्सालय सालों से प्रशासनिक व राजनीतिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। यह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिछले 35 साल से 75 बैड में ही चल रहा है। गत 35 साल में राजकीय चिकित्सालय में मरीजों की संख्या तो कई गुणा बढ़ गई, लेकिन चिकित्सालय में सुविधाएं नहीं बढ़ी है।
इसमें नहीं तो अधिकारी रुचि ले रहे है एवं नहीं जनप्रतिनिधि। यहां पर शहर के आस-पास के 50 किलोमीटर दूर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते है, लेकिन पिछले 10 साल से राजकीय चिकित्सालय को 100 बैड में क्रमोन्नत करवाने के प्रयास फाइलों में ही दम तोड़ रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि राजकीय चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक जमीन भी उपलब्ध नहीं हो रही है। इसके लिए चिकित्सालय प्रशासन सालों से एडी चोटी का जोर लगा कर बैठा है। दरअसल, राजकीय चिकित्सालय 198 3 से 75 बैड स्वीकृत है। भामाशाह लूकड़ परिवार की ओर से लाखों रुपए की लागत से बना यह चिकित्सालय सालों से क्रमोन्नत नहीं हो रहा है। चिकित्सालय 100 बैड़ में क्रमोन्नत होने पर यहां पर करीब 24 से अधिक वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा मिलेगी।
नहीं मिली जमीन
चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार के लिए चिकित्सालय प्रशासन के पास जमीन भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि चिकित्सालय के सटी हुई पुराना वन विभाग व पुलिस थाने की जमीन खाली पड़ी है, लेकिन सालों से प्रयास करने के बाद भी नगरपालिका की ओर से चिकित्सालय को जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है। जमीन के लिए भी चिकित्सालय प्रशासन ने सांसद, जिला कलक्टर, विधायक, एसडीएम, पालिकाध्यक्ष को दर्जनों बार पत्र लिखे, इसके बाद भी चिकित्सालय को जमीन नहीं मिली। चिकित्सालय में 2013 में स्वीकृत मरीजों के लिए धर्मशाला भी चिकित्सालय में क्वार्टर गिराकर बनाई गई है।
जिला मुख्यालय के बराबर है ओपीडी
शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की ओपीडी जिला मुख्यालय स्थित 150 बैड के चिकित्सालय के बराबर ओपीडी भी रहती है। यहां के चिकित्सालय में 2008 में सालभर में 42 हजार के करीब मरीज पहुंचते थे, लेकिन इस साल 9 माह में करीब 1 लाख 9 हजार के करीब चिकित्सा सुविधा के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सालय में भी सालभर में डेढ़ लाख के करीब ओपीडी रहती है।
मिलेंगी ब्लड बैंक सहित कई और सुविधाएं
चिकित्सालय 100 बैड में क्रमोन्नत होने पर चिकित्सालय में ब्लड बैंक की सुविधा भी मिल सकेंगी। ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को ब्लड के नहीं भटकना पड़ेगा। इसके अलावा 25 से अधिक वरिष्ठ विशेषज्ञ बैठेंगे।
इतनी दूरी आते हैं मरीज
भीनमाल के राजकीय चिकित्सालय में 50 किलोमीटर दूरी से मरीज ईलाज के लिए पहुंचते है। इसके बावजूद भी चिकित्सालय में लोगों को पूरी सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतें हो रही है।
जामताराम देवासी, धुंबडिय़ा
क्रमोन्नत होना चाहिए
शहर का राजकीय चिकित्सालय 100 बैड में क्रमोन्नत होना चाहिए, जिससे यहां के लोगों को इलाज के लिए गुजरात नहीं जाना पड़ेगा। क्रमोन्नत होने से मरीजों को यहां वरिष्ठ विशेषज्ञों की ही सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रयास करने चाहिए
ललित वैष्णव, युवा
9 साल से चल रहे हैं प्रयास...
चिकित्सालय को 75 बैड से 100 बैड में क्रमोन्नत करवाने के लिए 9 साल से प्रयास चल रहे है। इसके लिए चिकित्सालय में सुविधाएं विस्तार के लिए जमीन की भी कई बार मांग रखी है, लेकिन जमीन भी नहीं मिली है।
डॉ. एमएम जांगिड, प्रभारी, राजकीय चिकित्सालय-भीनमाल
जमीन उपलब्ध करवाएंगे
चिकित्सालय के लिए पास में पुलिस थाने की जमीन पड़ी है। चिकित्सा सुविधा इमरजेंसी सुविधा है। इस जमीन को चिकित्सालय को सुपुर्द करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सांसद व विधायक से मिलकर प्रयास करेंगे।
सांवलाराम देवासी, पालिकाध्यक्ष-भीनमाल
प्रयास कर रहे हैं...
राजकीय चिकित्सालय को 75 बैड से 100 बैड़ में क्रमोन्नत करवाने के लिए प्रयास कर रहे है, काफी सालों से मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री से मिलकर अवगत करवाया है। आगामी बजट में 100 बैड़ में क्रमोन्नत होने की उम्मीद है।
पूराराम चौधरी, विधायक
Published on:
21 Sept 2017 11:21 am
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