
Jalore District Map
चितलवाना. तहसील के गांवों की राजस्व जमीन ऑनलाइन होने के चक्कर में एक साल से नामांतरण नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व विभाग की ओर से प्रदेश भर में जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन करने को लेकर निजी फर्म को टेंडर दिया गया था। जिसके बाद फर्म की ओर से दस्तावेज ऑनलाइन करने का काम शुरू किया गया, लेकिन एक साल से चितलवाना तहसील के गांवों में ऑनलाइन कार्य पूरा नहीं करने से नामांतरण नहीं हो पा रहे हैं। ऐेसे लोगों के जमीन से संबधी कई दस्तावेज म्युटेशन के अभाव में अटके पड़े हैं। खास बात तो यह है कि जिले भर की सभी तहसीलों में ऑनलाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन चितलवाना तहसील का कार्य एक साल से अधूरा पड़ा है। ऐसे में काश्तकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये काम अटक रहे
राजस्व विभाग की ओर से दस्तावेजों को ऑनलाइन करने के लिए नामांतरण पर रोक लगा रखी है। जिसके कारण जमीन की खरीद-फरोख्त भी नहीं हो पा रही है। वहीं किसानों को कृषि ऋण भी नामांतरण नहीं होने से नहीं मिल पा रहा हैं।
30 गांवों का काम अधूरा
चितलवाना तहसील के 156 गांवों के जमाबंदी व नक्शे ऑनलाइन करने का जिम्मा निजी कम्पनी को दिया गया। इनमें से एक साल पूरा होने के बावजूद 30 गांवों का कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। जिससे पूरी तहसील के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना...
चितलवाना में नामांतरण पर रोक होने से कृषि ऋण भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों को एक साल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- मालाराम पुरोहित, काश्तकार, खिरोड़ी
राजस्व ऑनलाइन के लिए पहले निजी कम्पनी ने काम बंद कर दिया था। जिसे अब दोबारा शुरु करवा दिया गया है। तुरन्त ही नामांतरण का कार्य शुरु हो जाएगा।
- छगनलाल गोयल, एडीएम, चितलवाना
Published on:
26 Feb 2020 10:45 am
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