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बांध की सफाई की आड़ में हरे पेड़ों को काटकर बना रहे कोयला

वणधर गांव में नदी के पास खड़े वृक्षों पर दिनरात कुल्हाड़ी चल रही है। पिछले तीन माह से माफिया गिरोह बनाकर यहां पर कोयले का अवैध कारोबार कर रहे हैं। गिरोह ने जल संसाधन विभाग से वणधर बांध की सफाई का टेंडर लिया है, लेकिन बांध में सफाई नहीं कर उस टेंडर की आड़ में बांध से बाहर हरे वृक्षों को काट रहे हंै।

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बांध की सफाई की आड़ में हरे पेड़ों को काटकर बना रहे कोयला

बांध की सफाई की आड़ में हरे पेड़ों को काटकर बना रहे कोयला

तुलसाराम माली.भीनमाल. वणधर गांव में नदी के पास खड़े वृक्षों पर दिनरात कुल्हाड़ी चल रही है। पिछले तीन माह से माफिया गिरोह बनाकर यहां पर कोयले का अवैध कारोबार कर रहे हैं। गिरोह ने जल संसाधन विभाग से वणधर बांध की सफाई का टेंडर लिया है, लेकिन बांध में सफाई नहीं कर उस टेंडर की आड़ में बांध से बाहर हरे वृक्षों को काट रहे हंै। हैरानी की बात तो यह है कि इतना कुछ होने बाद भी राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसे में यह कोयला बनाने का कारोबार दिनों-दिन फल-फूल रहा है। लोग जेसीबी से पहले हरे दरख्तों को उखाड़ते हैं, उसके बाद कुल्हाड़ी से गुटके व कोयला बनाकर बेच रहे हैं। इस कारोबार में रोजाना 5 दर्जन से अधिक लोग दिनरात जुटे हुए हैं। करीब 200 बीघा जमीन में कोयला बनाया जा चुका है। रोजाना 200 बोरी कोयला तैयार कर लोग गुजरात के विभिन्न शहरों में पहुंचा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां से सैकड़ों बोरी कोयला तैयार कर बेचा जा चुका है। इसके अलावा रोजाना दो दिन में एक ट्रक कोयला तैयार कर आगे बेच रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग को भी लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।
बांध की सफाई के नाम पर लिया टेंडर
वणधर गांव के कुछ लोगों ने बांध की सफाई के नाम पर जल संसाधन विभाग से दिसम्बर माह में टेण्डर लिया था, लेकिन बांध में सफाई नहीं कर उस एनओसी की आड़ में बांध के बाहर हरे वृक्षों का काट कर कोयला बना रहे हंै। करीब 200 बीघा में हरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी चल चुकी है। इसके अलावा 400 बीघा में और हरे वृक्षों पर माफियाओं की नजर है। प्रभावशाली लोगों के सामने गांव के लोग आगे नहीं आ पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तहसीलदार व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही है।
टेंडर सफाई का, बना रहे हैं कोयला
वणधर गांव में लोगों ने बांध की सफाई का टेंडर लिया हुआ है, लेकिन बांध की सफाई नहीं कर बाहर वृक्षों का काटकर कोयला बना रहे हैं। कोयला बनाने के लिए वन विभाग व राजस्व विभाग से अनुमति अलग से लेनी पड़ती है। ऐसे में पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है। जंगल क्षेत्र में वन्य जीवों का विचरण भी संकट में पड़ गया है। दिनरात धुएं के गुबार उडऩे से पर्यावरण प्रदूषण भी हो रहा है।
बांध में सफाई का टेंडर
वणधर गांव में बांध के अन्दर सफाई का टेंडर हुआ था, उसके तहत बांध के अन्दर की सफाई करनी है।
- हरीश शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग-जालोर
जांच करवाएंगे...
जल संसाधन विभाग से वणधर में एनओसी लेकर ठेकेदार सफाई कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग ने बांध के अंदर सफाई की एनओसी दी है, तो जांच करवाकर नियमानुसार कार्यवाही भी करेेंंगे। कोयला बनाने के लिए वन विभाग की टीपी की जांच करवाएंगे। वैसे एक बार कोयला जब्त भी किया है।
- शंकरलाल मीणा, तहसीलदार-रानीवाड़ा