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पीईईओ ने करवाया बच्चों का दूसरे स्कूल में एडमिशन

राप्रावि मालीपरा केसूरी का मामला

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Government priemery school Malipara

हाड़ेचा. क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालीपरा केसूरी में 40 में से एक साथ 29 बच्चों की टीसी काटने के मामले में अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे हैं। जबकि विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका ने पहले अभिभावकों को ऑफलाइन टीसी काटकर दी, लेकिन अन्य स्कूल में एडमिशन नहीं देने के बाद ऑनलाइन टीसी काटी गई। जिसके बाद अन्य विद्यालय में इन बच्चों का एडमिशन हो पाया। इस मामले में पत्रिका ने सोमवार के अंक में 'स्कूल में नहीं लगाए शिक्षक तो एक ही दिन में काट दी सरकारी स्कूल के 29 बच्चों की टीसीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया और पीईईओ को मौके पर भेजकर मालले की जानकारी जुटाई गई। वहीं बच्चों के ड्रॉप आउट होने से रोकने के लिए 28 बच्चों का एडमिशन राप्रावि लोटेश्वर करवाया गया। इधर, चितलवाना बीईईओ ने केसूरी पीईईओ हरिसिंह से मामले की जांच करवाई। वहीं बालकों को अन्य विद्यालय में एडमिशन करवाया गया। गौरतलब है कि अनिवार्य शिक्षा के तहत किसी विद्यालय में 15 से कम बच्चे होने पर विद्यालय को बंद कर दिया जाता है, लेकिन मालीपरा विद्यालय में इसके बाद केवल 11 बच्चे ही बचे हैं। अधिकारियों का कहना हैकि बीच सत्र में विद्यालय को बंद नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर टीसी कटने से पहले शिक्षिका को उन्हें अवगत करवाने के साथ ही अभिभावकों से समझाइश करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। वहीं ऑफलाइन टीसी के आधार पर एडमिशन नहीं होने पर ऑनलाइन टीसी काट दे दी गई। पत्रिका टीम की ओर से मामला उठाने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों से समझाइश कर बच्चों को अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलाया।
इनका कहना है...
एक साथ इतने बच्चों की टीसी काटने से पहले स्थानीय पीईईओ को अवगत करवाना होता है, लेकिन यहां कार्यरत शिक्षिका ने अवगत ही नहीं करवाया। वहीं बालकों को ड्रॉप आउट होने से रोकने के लिए राप्रावि लोटेश्वर व वरणवा में एडमिशन करवाया गया है।
-हरिसिंह, पीईईओ, केसुरी
हमें मामले की जानकारी नहीं थी। एक साथ इतने बच्चों की टीसी नहीं काटी जा सकती। अगर अभिभावकों ने टीसी मांगी थी तो उच्चाधिकारियों को अवगत करवानाथा। पीईईओ को निर्देशित कर बालकों का अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलाया है। वहीं इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
-शैतानसिंह, बीईईओ, चितलवाना