
आंगनबाड़ी केन्द्रों में धूमिल हो रही है स्वच्छता की तस्वीर, जिले की प्रथम ओडीएफ पंचायत समिति के 62 आंगनबाड़ी केन्द्रों में नहीं है शौचालय
भीनमाल. भले ही सरकार स्वच्छता का नारा जोर-शोर से दे रही है, लेकिन समिति के कई आंगनवाड़ी केन्द्र पर अभी भी शौचालयों के निर्माण का इंतजार है। भीनमाल बाल विकास परियोजना क्षेत्र में 6 2 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शौचालय नहीं है। ऐसे में केन्द्र पर आने वाले बच्चों व आंगनबाड़ी कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 8 ब्लॉक के बाल विकास परियोजना क्षेत्र में कुल 218 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत है, जिनमें से 208 केन्द्र चल रहे हैं। इनमें से 76 किराए के भवनों में चल रहे हैं। जबकि 132 आंगनभवनों मे संचालित है। 132 आंगनभवनों में से केवल 70 भवनों में शौचालयों की सुविधा है। जबकि 6 2 भवनों को शौचालय का इंतजार है। किरायें के भवनों में से भी कुछ जगहों पर ही शौचालय की सुविधा है। क्योंकि विभाग की ओर से किराए की राशि बहुत कम दी जाती है। ऐसे में शौचालय वाला भवन मिलना संभव नहीं होता। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उनके विभाग के पास बजट का अभाव है। ऐसे में विभाग की ओर से शौचालय का निर्माण नहीं करवाया जा सकता। ग्राम पंचायतें शौचालय का निर्माण करवा सकती है। लेकिन ग्राम पंचायतें भी हमेशा बजट का अभाव कह कर टालने की कोशिश कर रही है। पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उनके पास आय के पर्याप्त स्रोत नहीं है। सरकार की ओर से जो बजट मिलता है, वह भी निर्धारित मद के अनुसार उपलब्ध होता है, उसे दूसरी जगह खर्च नहीं किया जा सकता है। ऐसे में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शौचालय निर्माण नहीं हो पा रहे है।
इन केन्द्रों पर नहीं है शौचालय
बाल विकास परियोजना अधिकारियों के मुताबिक नगरपालिका क्षेत्र के घांसेड़ी, जेतु, जुजाणी, नरता, बोरटा, पूनासा, दांतीवास में दो, मोरसीम के खारूआ, देवदा का गोलिया, लाखनी के गावड़ी में दो, पाता की ढ़ाणी, राउता, जेरण, मिडावास, लुणावास, बागावास, वाड़ाभाडवी, धुम्बिडिया में तीन, दांसपा, कोरा, भालनी में तीन, नांदिया में तीन, छजाला, नरसाणा में दो, खोखा में दो, सेवड़ी, रंगाला के बिजलिया व सोबड़ावास, कोरी ध्वेचा के तीन, नासोली, सरथला, बाली के छह, डुगरवा के दो, वाटेरा, नवापुरा के दो, चैनपुरा, बगोटी, नयावाड़ा, कूका व मेड़ा में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर शौचालय नहीं हैं।
आंगनबाड़ी केन्द्र खोल रहे है ओडीएफ की पोल
भीनमाल पंचायत समिति एक वर्ष पूर्व जिले की प्रथम ओडीएफ समिति घोषित हो चुकी है। समिति के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने समिति को ओडीएफ बनाकर खूब वाहवाही लूटी, लेकिन पंचायतों में ही आंगनवाड़ी केन्द्रों पर शौचालय निर्माण नहीं होना उनके ओडीएफ के दावों की पोल खोल रहे है।
प्रधान की पंचायत में एक पर भी नहीं शौचालय
पंचायत समिति के प्रधान धुखाराम राजपुरोहित की खुद की बाली पंचायत में छह आंगनवाड़ी केन्द्र है, लेकिन प्रधान बनने के चार साल गुजर जाने के बाद भी एक भी केन्द्र पर शौचालय नहीं बना पाए।
बजट का अभाव
&विभाग के पास बजट का अभाव है। पंचायते आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यकारी एजेंसी है। समिति व जिला परिषद को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शौचालय नहीं होने की सूची दे चुके है।
घेवर राठौड़, बाल विकास परियोजना अधिकारी-भीनमाल
Published on:
28 Mar 2018 09:35 am
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