
सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।
भीनमाल. विकास कार्यों की गंगा बहाने का दावा करने वाली वर्तमान राज्य सरकार की अनदेखी के चलते जालोर जिले में ही कई कार्यों में सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। यह स्थिति राज्यभर मेंहै, क्योंकि सभी जगह यह काम चल रहा है।
जिले में फिलहाल योजना के तहत डिजिटल नक्शे का कार्य जारी है। जिसमें बड़ी गड़बडिय़ों की आशंका है।2 गुणा 2.5 फीट की शीट बनाकर उसे ऑनलाइन करने के नाम पर सरकारी खजाने से करीब 2.9 लाख से भी अधिक राशि खर्च किए जा रहे है। जिले की जसवंतपुरा तहसील को छोडक़र सभी तहसीलों में तहसीलों में 7 से 20 करोड़ से अधिक तक के बिल प्रमाणित करने के लिए थमाए हंै। जिलेभर की सभी तहसील में 3 हजार 995 शीटें बनाई गई है। ऑनलाइन करने के लिए एवीनी ऑन इंडिया प्रा.लि. हैदराबाद की कंपनी के नाम पर ठेका हुआ है। कंपनी की ओर सेे जो बिल पेश किया जा रहा है वह करोड़ रुपए का है। इतना ही नहीं इस कार्य के लिए तहसीलों में पहुंचने वाले बिल से अधिकारी व कार्मिक भी अचंभित हो रहे है। सरकार की ओर से भले ही पाई-पाई बचाने का दावा किया जा रहा हो, हकीकत में महकमे में भारी धांधली बरती जा रही है। यह कार्य होने के बाद ऑनलाइन के माध्यम से जिले के खेतों का मैप ऑनलाइन निकाला जाएगा। लेकिन इसमें गड़बडिय़ां है और बागोड़ा व भीनमाल की शीटेें दो बार जोड़ कर दर्शाई गई है। ई-धरती कार्यक्रम के तहत राजस्व रेकर्ड को ऑनलाइन होगा।
यह है तहसीलवार बिल की राशि
जिले की सात तहसीलों में इस कार्य के लिए 6 4 करोड़ 8 3 लाख 2 हजार 995 रुपए का बिल थमाया गया है। जिसमें सायला तहसील में में 7 करोड़ 8 लाख 70 हजार 785 रुपए, भीनमाल में 8 करोड़ 4 लाख 8 हजार 294 रुपए, सांचौर में 17 करोड़ 6 4 लाख 61 हजार 96 5 रुपए, बागोड़ा में 10 करोड़ 47 लाख 6 हजार 551 रुपए, चितलवाना व रानीवाड़ा में 20 करोड़ 26 लाख 34 हजार 687 रुपए, आहोर में 13 करोड़ 16 लाख 1 हजार 713 रुपए का बिल थमाए गए है। बिल की प्रति भी सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से वायरल हो रहीे है।
भीनमाल में कम शीट, राशि अधिक
जिले की जसवंतपुरा तहसील को छोडक़र सात तहसीलों में 3995 को शीटों के बिलों को पेश किया गया है। जिसमें सायला में 48 3, भीनमाल में 274, सांचौर में 6 03, बागोड़ा में 357, चितलवाना में 8 48 , रानीवाड़ा में 533 व आहोर में 8 97 शीटें है। यह शीट राजस्व विभाग के मेप के तहत जमाबंदी व नक्शा को स्कैन कर उसे ट्रेस पैपर पर प्रिण्ट दी गई है। इसके अलावा संशोधन कर उसे वापस स्केन किया जाएगा। इतना हीं
टैण्डर राजस्व विभाग से हुए है
&डिजिटलाईजेशन ऑफ केडस्ट्रल मेप कार्य के टैण्डर राजस्व विभाग की ओर से प्रदेश स्तर पर किए गए है। इसका हमारे कोई लेना-देना नहीं है। नियम व शर्तें क्या है इस बारे मे मुझे जानकारी नहीं है।
- बीएल कोठारी, जिला कलक्टर-जालोरनहीं इन शीटों के व्यवस्थित करने में राजस्व विभाग के अधिकारी व कार्मिक दिनरात एक कर रहे है।
Published on:
26 Mar 2018 09:11 am
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