
Encroachment in Jalore Nagar parishad
जालोर. नगरपरिषद का नया बोर्ड बनने के बाद सोमवार शाम को शहर में परिषद की जमीन पर अतिक्रमण का पहला मामला सामने आया है। मामले की भनक लगने के बाद नगरपरिषद अधिकारियों व कर्मचारियों का दस्ता मौके पर पहुंचा और नगरपरिषद की संपत्ति को खुर्द-बुर्द होने से रोका। अगर इस काम में जरा सी भी देरी होती तो यहां डिस्कॉम की ओर से अवैध कनेक्शन तक कर दिया जाता। जानकारी के अनुसार शहर के पुराने वार्ड 18 (चुनाव से पहले) में रोडवेज बस डिपो के निकट हनुमान मंदिर के पास नगरपरिषद की जमीन स्थित है। इस जमीन को वार्ड के ही एक व्यक्ति ने खुद की जमीन बताते हुए डिस्कॉम में दस्तावेज पेश कर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। वहीं इसके लिए इसी वार्ड के कांग्रेस के पूर्व पार्षद की ओर से गत 9 सितम्बर 2019 को एनओसी जारी की गई थी। जिसके बाद दस्तावेजों के आधार पर सोमवार को डिस्कॉम कार्मिक यहां बिजली कनेक्शन जोडऩे पहुंचे, लेकिन नगरपरिषद आयुक्त को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने डिस्कॉम एसई को लिखित में इस जमीन को नगरपरिषद की संपत्ति बताते हुए कनेक्शन करने से रोक दिया। तब जाकर यह जमीन अतिक्रमण की जद में आने से बच गई। इस बार भाजपा का नया बोर्ड बनने के बाद अतिक्रमण का यह पहला मामला है। ऐसे में इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि आगामी पांच सालों में अगर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो यूं ही अतिक्रमण होते रहेंगे।
यह था मामला...
डिस्कॉम अधिकारियों को बिजली कनेक्शन के लिए पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार शहर के रावण चबूतरा निवासी चेनसिंह पुत्र रणजीतसिंह की ओर से वर्ष 1992 में इकरारनामे के आधार पर जालोर निवासी बरकत खां से यह भूखण्ड खरीदना बताया गया है। वहीं इस वार्ड के पूर्व पार्षद कालूराम मेघवाल की ओर से 9 सितम्बर 2019 को मय सील व हस्ताक्षरयुक्त जारी एनओसी भी दस्तावेजों के साथ पेश की गई है। इसी के आधार पर तीन महीने बाद डिस्कॉम कार्मिक यहां बिजली कनेक्शन के लिए पहुंचे थे।
बताया खुद का भवन
पूर्व वार्ड पार्षद की ओर से आवेदक को दी गई एनओसी में बताया गया था कि वार्ड १८ में रोडवेज डिपो के पास रावण चबूतरा निवासी आवेदक का स्वयं का भवन आया हुआ है। जिसमें बिजली कनेक्शन देने पर कार्यालय को कोई आपत्ति नहीं है। जबकि इस जमीन पर नगरपरिषद ने चारदीवारी करवाकर ताला लगा रखा है। वहीं यहां नगरपरिषद की संपत्ति का बोर्ड भी लगा है।
डिस्कॉम अधिकारियों का तर्क
आवेदक चेनसिंह ने 1992 के इकरारनामे के आधार पर यह जमीन स्वयं की होना बताया है। वहीं इसके साथ पूर्व वार्ड पार्षद की एनओसी व आवेदक का शपथ पत्र भी साथ है। इसी के आधार पर पत्रावली प्रोसेस में थी। इसके बाद डिस्कॉम कार्मिक दो दिन पूर्व बिजली कनेक्शन जोडऩे गए थे। मगर अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर कनेक्शन रोक दिया गया था।
- शत्रुघ्न शर्मा, एईएन, डिस्कॉम जालोर
नगर परिषद की संपत्ति...
शहीद भगतसिंह स्टेडियम के निकट नगरपरिषद की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने व अवैध रूप से बिजली कनेक्शन जोडऩे की सूचना मिली थी। जिसके बाद मौके पर टीम भेजकर अतिक्रमण रुकवाया गया है। हां इस मामले में पूर्व पार्षद की ओर से बिजली कनेक्शन को लेकर एनओसी जारी करना भी सामने आया है। भविष्य में भी शहर में कहीं भी अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएग।
- जगदीश खीचड़, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर
Published on:
18 Dec 2019 11:06 am
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