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किसान ने 25 बीघा खेत में किया ऐसा काम कि अब अब मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार

जालौर जिले के चितलवाना उपखंड क्षेत्र के देवड़ा गांव में खुद के खेत में रेस्क्यू सेंटर खोलकर मुक प्राणियों व वन्यजीवों का रेस्क्यू कर जीवन बचाने पर पीराराम धायल का राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड में चयन किया गया हैं।

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जालौर जिले के चितलवाना उपखंड क्षेत्र के देवड़ा गांव में खुद के खेत में रेस्क्यू सेंटर खोलकर मुक प्राणियों व वन्यजीवों का रेस्क्यू कर जीवन बचाने पर पीराराम धायल का राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड में चयन किया गया हैं।

देवड़ा निवासी पीराराम धायल की ओर से अपने खुद के खेत में रेस्क्यू सेंटर खोलकर करीबन तीन हजार दो सौ मूक प्राणियों की जान बचाकर रेस्क्यू कर चुके हैं। ऐसे में कई प्राणियों को बचाने के लिए दिन रात मेहनत भी की गई हैं।
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25 बीघा में रेस्क्यू सेंटर
देवड़ा में 25 बीघा अपनी पुश्तैनी जमीन में वन्य जीवों के बचाव के लिए रेस्क्यू सेंटर खोलकर 3250 वन्य जीवों का जीवन बचाकर सुरक्षित किया गया हैं।

यह किए रेस्क्यू
पीराराम धायल की ओर से रेस्क्यू सेंटर खोलने के बाद में 2250 हरिण, 260 मोर, 600 नीलगाय, 5 कुरजा, 42 बन्दर, 60 खरगोश, 4 कबर बिज्जु, 6 सैही, 2 उल्लू व 5 बाज को रेस्क्यू कर जान बचा चुके हैं।
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धरती पर मानव के साथ जन्म लेने वाले सभी जीवों को जीने का अधिकार हैं। कई बार मूक प्राणियों के अधिकारों का हनन होने से जीवन संकट को देखते हुए हमने सेवा करना शुरु किया हैं। मैं मूक प्राणियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं।
-पीराराम धायल, वन्य जीव प्रेमी

देवड़ा निवासी पीराराम धायल को अनुभव. बेहतर कल के लिए अभियान संस्थान की ओर से राष्ट्रीय स्तर के अभितवा गुहा मेमोरियल ग्रीन वॉरियर अवार्ड के लिए चयन किया गया हैं। संस्थान के सदस्य टीम की ओर से रेस्क्यू सेंटर का अवलोकन करने के बाद में चयन किया गया हैं।