
Gram Panchayat deposited horoscope on the amount of contractors
भीनमाल. खुद की निजी आय नहीं होने से आर्थिक तंगी झेल रही ग्राम पंचायतें ठेकेदारों की धरोहर राशि ही उड़ा रही है। पंचायती राज विभाग के तहत विभिन्न योजनाओं में वाले विकास कार्य करने के लिए ठेकेदारों ने टैण्डर के लिए धरोहर राशि भी जमा करवाई, लेकिन सालों बाद भी ठेकेदारों को अपनी धरोहर राशि नसीब नहीं हो रही है। इतना ही नहीं ग्राम पंचायतों ने नियमों को ताक में रखकर धरोहर राशि को अन्य कार्यों में खर्च ही कर दी, अब ग्राम पंचायतों के पास अब यह धरोहर राशि चुकाने के लिए बजट भी नहीं है। ऐेसे में ठेकेदार ग्राम पंचायतों व पंचायत समिति के चक्कर काट रहे है, लेकिन उन्हें संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। ठेकेदारों के लाखों रुपए की राशि ग्राम पंचायतों में अटकी पड़ी है। इतना ही नहीं पिछले पांच साल से दर्जनों ठेकेदारों की राशि ग्राम पंचायतों में अटकी पड़ी है। ठेकेदारों का कहना है कि धरोहर राशि के लिए अब ठेकेदारों की कोई सुनने वाला नहीं है। ठेकेदारों ने पंचायत राज विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर धरोहर राशि लौटाने की मांग की।
टैंडर-प्रक्रिया में जमा होती है धरोहर राशि
ग्राम पंचायतों में मनरेगा, टीएमसी, एसएफसी के तहत होने वाले विकास कार्यों व सामग्री आपूर्ति के लिए टैण्डर होते है। टैण्डर के लिए कार्य लेने वाले ठेकेदारों को धरोहर राशि जमा करवानी पड़ती है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में नाली, सडक़, जीएलआर टांकें का निर्माण होता है, इसके अलावा बंजरी, सीमेंट, कंकरीट, पानी की आपूर्ति सामग्री के लिए टैण्डर होते है।
नहीं मिल रही है धरोहर राशि
&कूका ग्राम पंचायत में 4 साल पूर्र्व टैण्डर के लिए 70 हजार रुपए की राशि जमा करवाई, लेकिन चार साल बाद भी धरोहर राशि नहीं मिल रही है। ग्राम पंचायतों में राशि के बारे में संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है।
शैतानसिंह, आशापुरा कन्ट्रक्शन
बार-बार चक्कर कांट रहे है
&ग्राम पंचायत चैनपुरा में 2012 में सामग्री के लिए 70 हजार धरोहर राशि जमा करवार्ई, लेकिन अभी तक धरोहर राशि नहीं मिल रही है। धरोहर राशि के लिए ग्राम पंचायतों के चक्कर कांट रहे है।
शेरसिंह, नागणेच्या कंट्रक्शन
बजट आंवटित, बनेंगे कक्षा कक्ष
आहोर ञ्च पत्रिका. विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित की अनुशंषा पर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित राजकीय विद्यालयों में नाबार्ड योजना के अन्तर्गत प्रथम व द्वितीय चरण में कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष लालाराम देवासी ने बताया कि नाबार्ड योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में राउमावि चरली, राउमावि उम्मेदपुर, राउमावि पावटा, राउमावि रायथल, राउमावि भोरड़ा, राउमावि सामुजा प्रत्येक विद्यालय को ३०.१५ लाख का बजट तीन कक्षा कक्ष निर्माण के लिए स्वीकृत किया गया है। द्वितीय चरण में राउमावि गुड़ा बालोतान को २९.५७ लाख, राउमावि काम्बा को २६.५४ लाख, राउमावि थांवला को २६.५४ लाख, राउमावि बावड़ी को २६.५४ लाख, राउमावि अजीतपुरा को २६.५४ लाख, राउमावि नोरवा को २६.५४ लाख, राउमावि चांदना को २६.५४ लाख, राउमावि दी गांव को २६.५४ लाख तथा राउमावि देवकी १७.३८ लाख का बजट आवंटित किया गया है।
Published on:
09 Apr 2018 11:43 am
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