
हाड़ेचा: देखिए यहां कैसे चलती है दादागिरी
हाड़ेचा. नेहड़ के सीमांत क्षेत्र खेजडिय़ाली का आदर्श राउमावि कितना आदर्श है, यह यहां के पीईईओ यानी प्रधानाध्यापक की कार्यशैली से ही साफ नजर आ रहा है। सत्र शुरू होने से लेकर अब तक ये साहब महीने के अंतिम एक दो दिन ही आते हैं और रजिस्टर में एक साथ हस्ताक्षर कर गांव लौट जाते हैं। इनके हिसाब से देखा जाए तो इस आदर्श विद्यालय का संचालन वे खुद के गांव में बैठे-बैठे कर रहे हैं। इधर, ज्यादातर समय विद्यालय बंद रहने से नाराज ग्रामीणों ने कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया और विद्यालय को नियमित शुरू करने की भी मांग की। और तो और ग्रामीणों ने जालोर-सिरोही सांसद देवजी एम पटेल, जिला शिक्षा अधिकारीव डिप्टी डायरेक्टर पाली को भी शिकायत की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इधर, प्रधानाध्यापक के नहीं आने से अन्य शिक्षक भी कई बार महीने भर अनुपस्थित रहने के बाद विद्यालय आते हैं और रजिस्टर में एक साथ हस्ताक्षर कर देते हैं। इसके बावजूद प्रधानाध्यापक और यहां लगे शिक्षक पूरे महीने का वेतन उठा रहे हैं।
कैसा आदर्श विद्यालय
कहने को खेजडिय़ाली का यह स्कूल आदर्श जरूर है, लेकिन यहां अव्यवस्थाएं इतनी है कि ये विद्यालय शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की पोल खोल रहा है। दूरस्थ क्षेत्र के कई शिक्षक इस विद्यालय में एक माह तक आते ही नहीं। वहीं जब भी आते हैं रजिस्टर में पूरे महीने के हस्ताक्षर कर देते हैं और पीईईओ इनका पूरा भुगतान भी कर देता है।
पोषाहार की स्थिति...
इसके अलावा पोषाहार प्रभारी भी माह में कई दिन अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे में विद्यालय में पोषाहार कभी कभार ही बनाता है। नियमित आने वाले शिक्षकों को प्रधानाचार्य ने रजिस्टर को ताले में रखने के निर्देश दे रखे हैं। ऐसे में शिक्षक पीईईओ के डर से उपस्थिति रजिस्टर ताले में रखते हैं।
भुगतान उठाते हैं...
विभाग की ओर से शिक्षकों को आवास के लिए वेतन के साथ हाउस रेंट एलाउंस भी दिया जाता है, लेकिन कुछ शिक्षक घर से लौटने के बाद करीब दस-दस दिन तक विद्यालय के कमरे में ही रहते हैं और भोजन के लिए पोषाहार का राशन ही काम में लेते हैं। ऐसे में यहां सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया जा रहा है।
शिकायत पर भी कोई नहीं पहुंचा
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षकों के विद्यालय में नियमित रूप से नहीं आने की शिकायत भी की, लेकिन अधिकारी डिप्टी डारेक्टर को शिकायत करने का हवाला देकर टालमटोल कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने पूर्व में सांचौर विद्यायक सुखराम विश्रोई को भी शिकायत की थी। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों के नदारद रहने का कारण भी पूछा। साथ ही उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इनका कहना
&प्रधानाचार्य इस सत्र की शुरुआत से महीने में एक बार ही विद्यालय आते हैं और आने के बाद रजिस्टर में एक साथ पूरे महीने के हस्ताक्षर कर चले जाते हैं। इस बारे में डीईओ व डिप्टी डायरेक्टर पाली सहित जन प्रतिनिधियों को भी कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे बालिका शिक्षा का ग्राफ भी घट गया है। साथ ही छात्रों का कोर्स भी अधूरा पड़ा है।
-चुन्नीलाल पुरोहित, ग्रामीण खेजडिय़ाली
&मामले की कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायत की, लेकिन अधिकारी भी कार्य के प्रति लापरवाह हैं। ऐसे में हमारे लाडलों की शिक्षा चौपट हो रही है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-राणसिंह राजपूत, ग्रामीण, खेजडिय़ाली
नहीं निकला हल...
&पूर्व में सांचौर विधायक को शिकायत के बाद उन्होंने मौका मुआयना किया था। फिर भी कई शिक्षक दो-दो माह तक विद्यालय नहीं आते हैं। वहीं खुद प्रधानाचार्य भी महीने में एक दो बार स्कूल आते हैं। इसके बावजूद सभी पूरे महीने का वेतन उठा रहे हैं।
-वागसिंह राजपूत, पूर्व सरपंच, खेजडिय़ाली
&इस बारे में अब तक हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। ऐसा है तो ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की जांच करवाई जाएगी। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।
-ललितशंकर आमेटा, डीईओ माध्यमिक, जालोर
&फिलहाल मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी। अगर ऐसा मामला पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शीशराम जाट, उप निदेशक, शिक्षा विभाग, पाली
Published on:
10 Mar 2018 11:29 am
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