5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पूर्व पालिकाध्यक्ष ने फिर जताई दावेदारी

सांचौर नगरपालिका के चेयरमैन के उपचुनाव का मामला
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जालोर

•

image

Vinja Ram Dudi

•

Updated: 9 Mar 2018, 10:47 AM IST

Chairman election in Sanchore nagar palika

In Sanchore Nagar palika X chairman Claiming again

सांचौर. पालिकाध्यक्ष के चुनाव को लेकर एक ओर जहां पार्षदों की ओर से प्रत्याशी चयन को लेकर गोपनीय बैठकों का दौर जारी है। वहीं दूसरी ओर पार्षदों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाई गई पूर्व पालिकाध्यक्ष इन्द्रा खोरवाल ने एक बार फिर पालिकाध्यक्ष उपचुनाव को लेकर दावेदारी जताई है। इसको लेकर शहर की राजनीति में नए समीकरणों ने जोर पकड़ा है। इधर, कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष ऋचा मेघवाल फिलहाल देखो और चलो की रणनीति के तहत योजना बना रही है। जबकि असंतुष्ट धड़े के पार्षद नीता मेघवाल को पालिकाध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बनाने की रणनीति बना रहे हैं। जिसमें उन्होंने 19 पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। इन्द्रा खोरवाल ने पार्षदों के साथ में पूर्व में हुई नाराजगी को दूर करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है। पालिका उपाध्यक्ष दिलीप राठी सहित शहर के अन्य भाजपा नेता खोरवाल को दोबारा पालिकाध्यक्ष बनाने के लिए विरोधी धड़े के पार्षदों से मान मनोव्वल में लगे हैं। बहुमत के बावजूद पार्षदों में आपसी सहमति नहीं बनने से 14 मार्च को होने वाले पालिकाध्यक्ष के उपचुनाव में सर्वसम्मति के बजाय चुनाव होना तय माना जा रहा है। जिसमें विरोधी धड़े के पार्षद जहां संख्या बल के आधार पर अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे, वहीं पूर्व पालिकाध्यक्ष जोड़ तोड़ की राजनीति के सहारे प्रत्याशी बनकर दूसरी बार कुर्सी पर बैठने की रणनीति बनाने में जुटी है।
परदे के पीछे नेता
पालिकाध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रहे सियासी घमासान में भाजपा के बड़े नेताओं की भूमिका अभी भी पर्दे के पीछे से हो रही है। जिसमें पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी भी खुलकर कुछ बताने से इन्कार कर रहे हैं तो सांसद देवजी पटेल भी इस मामले में पर्दे की पीछे की राजनीति के सहारे दूरी बनाए हुए हैं। ऐसी स्थिति में भाजपा पार्षदों में उपजी दरार अभी भी कायम है।
बहुमत के लिए चाहिए 13 पार्षद
पालिकाध्यक्ष के चुनाव के लिए २५ पार्षदों में 13 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। जिसमें से 17 पार्षद भाजपा के हैं, वहीं 6 पार्षद कांग्रेस से है। इनके अलावा दो निर्दलीय पार्षद हैं। इसमें भाजपा पार्षद दो धड़ों में बंटे हैं। पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान १९ पार्षदों ने मतदान किया था, जिसमें कांग्रेस के पांच पार्षद भी शामिल थे। पालिकाध्यक्ष को लेकर होने वाले मतदान में कांग्रेस पार्षदों की भूमिका भी रहेगी।
इनका कहना है...
पालिकाध्यक्ष के उपचुनाव में अगर पार्षदों की सहमति बनती है तो दावेदारी पक्की है। हम पार्षदों से चर्चा कर रहे हैं। कुछ मतभेद हो जाते हैं, जिन्हें हम लोग बैठकर सुलझाने का प्रयास कर रहे है। वैसे मैंने मेरी ओर से पालिकाध्यक्ष के दावेदारी जताई है।
- इन्द्रा खोरवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष, सांचौर