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सर्वे में खुद अधिकारियों ने जारी की रिपोर्ट अधिक ढलान सांगी क्षेत्र में लाती है बाढ़

74 किलोमीटर में 222 मीटर का है ढलान, भारी बारिश में अधिक वेग होने सेे तबाही मचा देती है सांगी नदी

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74 किलोमीटर में 222 मीटर का है ढलान, भारी बारिश में अधिक वेग होने सेे तबाही मचा देती है सांगी नदी

भीनमाल. सुंधामाता व जाविया के खोडेश्वर महादेव के पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली सांगी नदी का ढलान अधिक ही क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ के हालात बना देते हंै। नदी का बहाव इतना रहता है कि खेत भी नदी में तब्दील हो जाते है। हाल ही में जल संसाधन विभाग की ओर से किए सर्वे के अनुसार सांगी नदी में प्रति किलोमीटर 3 मीटर से अधिक का ढलान है। सुंधामाता व जाविया के पहाड़ी क्षेत्र (उद्गम स्थल) से डुंगरवा तक सांगी नदी के 74 किलोमीटर की दूरी में 222 मीटर का ढलान बना हुआ है। इस वजह से सांगी नदी भरपूर बारिश के दौर में क्षेत्र के दर्जनों गांवों में तबाही मचा देती है। भरपूर बारिश के दौरान तेज बहाव व बहाव क्षेत्रों में अवरूद्ध के चलते नदी का पानी गांवों में घुस कर बाढ़ के हालात बना देते है। अधिक ढलान होने की वजह से बहाव के चलते मिट्टी का किनारो पर कटाव भी अधिक होता है। इसके अलावा किनारे व नदी के बहाव क्षेत्र में खड़े पेड़ भी बह जाते है। अधिक कटाव होने की वजह से पानी के साथ महीने मिट्टी भी बहकर आती है। जिले में 2015 व 2017 में भरपूर बारिश के दौरान सांगी नदी ने क्षेत्र के कई गांवों में तबाही मचा दी थी।
यह गांव रहते है नदी की चपेट में
सांगी नदी के किनारे बचे दर्जनों गांवों में भारी नुकसान उठाना पड़ता है। सांगी नदी के किनारेे स्थित सांवलावास, कीरवाला, पूनासा, नोहरा, वियो का गोलिया, गोरथला धोरा, डुंगरवा, दांतीवास, फागोतरा सहित कई गांवों में नदी का पानी घुस जाता है। नदी का बहाव दूसरी तरफ होते ही कई खेत उजड़ जाते है। इसके अलावा नदी के बहाव क्षेत्र में पेड़ भी उजड़ जाते है।
तेज बहाव से होता है नुकसान
&सांगी नदी में अधिक ढलान होने की वजह से तेज बहाव से अधिक नुकसान होता है। सांगी नदी के वेग को कम करने के लिए राजस्थान किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। नदी के बहाव के वेग को कम करने के लिए बेस फ्लो बनाने के प्रस्ताव लिए गए है। इसके लिए 17 करोड़ 14 लाख की योजना भी बनवाई है।
कई दिनों तक दिया था धरना
सांगी नदी के दोनो तटों की मेड़बंदी करने व नदी के बहाव के वेग को धीरे करने, नदी का बहाव क्षेत्र से आएं अवरूद्धों को दूर करने को लेकर राजस्थान किसान संघर्र्ष समिति ने गत साल अगस्त माह में 12 दिनों तक उपखण्ड कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग के मंत्री ने किसानों की मांगों को सुनकर सांगी नदी के बहाव से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाने का आश्वासन भी दिया था।
विक्रम सिंह, संयोजक राजस्थान किसान संघर्ष समिति-भीनमाल
प्रति किलोमीटर 3 मीटर का ढलान
&सांगी नदी में प्रति 3 मीटर का ढलान है। सुंधमाता व जाविया के खोडेश्वर महादेव से डुंगरवा तक 74 किलोमीटर में 222 मीटर का ढलान है। सांगी नदी से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए तीन भागों में योजना बनाई गई है।
अब्दुल हमीद, एईएन, जल संसाधन विभाग-भीनमाल