
फोटो- नवजात
Rajasthan News: राजस्थान के जालोर जिले के बागोड़ा क्षेत्र के धुंबड़िया गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार सुबह ग्रामीणों को झाड़ियों की ओर से एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। जब लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने जो देखा, वह बेहद भयावह था। एक नवजात बालक को सीमेंट के खाली कट्टे में डालकर झाड़ियों में फेंक दिया गया था। ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरन्त पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
नवजात की हालत बेहद गंभीर थी। उसके शरीर पर कीड़े-मकोड़े रेंग रहे थे और मक्खियां भिनभिना रही थीं। शरीर पर कई जगह कांटे चुभे हुए थे और हाथ-पैर व सिर पर चोटों के निशान भी मिले। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर 20 से अधिक घाव हैं, जिससे उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टर उसे पूरी तरह नॉरमल करने का प्रयास कर रहे है।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश चौधरी के मुताबिक, नवजात को जन्म के महज 1 से 2 घंटे के भीतर ही झाड़ियों में फेंक दिया गया होगा। इतनी कम उम्र में इस तरह की क्रूरता ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के लिए अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को तुरंत बागोड़ा सीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जालोर अस्पताल में रेफर किया गया। फिलहाल बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में है। डॉक्टर बच्चे का अच्छे से ध्यान रखने में जुटे हुए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
यह घटना नवरात्रि जैसे पावन पर्व के बीच सामने आई है, जब समाज में मातृशक्ति की पूजा की जाती है। ऐसे समय में नवजात के साथ हुई यह अमानवीय हरकत समाज को आईना दिखाती है और संवेदनाओं पर सवाल खड़े करती है। ऐसी हरकतों से समाज शर्मसार होता है। समाज के सामने ऐसी घटना भय पैदा करती है।
Published on:
25 Mar 2026 12:23 pm
