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कुटुंब यात्रा में सामैया कर स्वागत किया, उमड़ा हुजूम

शांतिनाथ महाराज के शिष्य बनने के करीबन 13 वर्ष के बाद अपने गांव में कुटुंब यात्रा के तहत पहुंचे सेरना का ईश्वरनाथ के गांव में ग्रामीणों ने सामैया कर स्वागत किया। कार्यक्रम में बाहर से आए संतों का ढोल नगाड़ों व जयकारों के साथ स्वागत किया गया

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कुटुंब यात्रा में सामैया कर स्वागत किया, उमड़ा हुजूम

सेरना गांव में आयोजित कुटुंब यात्रा में उमड़ा हुजूम

मोदरा. शांतिनाथ महाराज के शिष्य बनने के करीबन 13 वर्ष के बाद अपने गांव में कुटुंब यात्रा के तहत पहुंचे सेरना का ईश्वरनाथ के गांव में ग्रामीणों ने सामैया कर स्वागत किया। कार्यक्रम में बाहर से आए संतों का ढोल नगाड़ों व जयकारों के साथ स्वागत किया गया।ईश्वरनाथ कुटुंब यात्रा (भिक्षा) के दौरान शनिवार को अपने घर से निकलने लगे उनके दर्शनों के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। यहां से ढोल नगाड़ों की सुमधुर ध्वनि एवं जयकारों के साथ नाथ पंथी संन्यासी ईश्वरनाथ गांव से सिरे मंदिर जालोर के लिए रवाना हुए। कार्यक्रम में गंगानाथ महाराज, योगी कैलाशनाथ महाराज, आशाभारती महाराज, काशीनाथ महाराज, मंगलाईनाथ महाकराज, मोहननाथ महाराज, भोलाभारती महाराज, नवेरावल महाराज, योगी रेवतनाथ उदयपुर, योगी रामेश्वरनाथ, भैरूनाथ अखाड़ा से योगी प्रेमनाथ, योगी आनंदनाथ, योगी गोविन्दनाथ, योगी गोपालनाथ,योगी शेरनाथ, चूरा से योगी हरिनाथ, धाणसा से योगी मोतीनाथ का सान्निध्य रहा। ईश्वरनाथ का जन्म सेरणा में राणसिंह पुत्र धुखसिंह के घर हुआ। इनका सांसारिक नाम प्रकाशसिंह पुत्र राणसिंह था। वर्ष 2008 में शांतिनाथ महाराज नेेअपने शिष्य के रूप में भगवा ग्रहण किया। इसके बाद पीर शांतिनाथजी ने इनका नाम ईश्वरनाथ रखा।
भक्ति कार्यक्रम का आयोजन
इस धार्मिक कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भजन गायक शंभू भारती ने गुरू महिमा, आवो गुरूजी देवरे, गुरू शांतिनाथजी, जोगी जलंधरनाथ, गुरू भक्तिज्ञान दीजो समेत कई भजनों की प्रस्तुतियां दी।