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मेंगलवा में एक ही रात में सात मकानों के ताले टूटे

- पुलिस की गश्त व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

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मेंगलवा में एक ही रात में सात मकानों के ताले टूटे

मेंगलवा में एक ही रात में सात मकानों के ताले टूटे

सायला। पुलिस की सुस्ती और लापरवाही से चोरों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि मेंगलवा गांव में एक ही रात में सात मकानों में चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार चोरों ने मेंगलवा निवासी मीठालाल पुत्र उम्मेदमल जैन, शान्तिलाल पुत्र इन्द्रमल जैन, किशोर पुत्र घेवरचंद जैन, रतनलाल पुत्र गणेशमल जैन, हीराचन्द सवाजी जैन, रमेश पुत्र गुलाबचंद सोनी व मूलचंद पुत्र मिश्रीमल सोनी के मकानों को निशाना बनाया। इन मकानों से चोरों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चुरा ली। सूचना पर थाना प्रभारी ध्रुवप्रसाद मय पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के साथ पूछताछ भी की। इधर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदातों को लेकर व्यापारी से लेकर आमजनता तक सभी में पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।

ये वारदातें पुलिस के लिए बनी गुत्थी

सायला पुलिस थाने से महज 200 मीटर की परिधि में स्थित एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया था। चोरों ने मकान से नकदी समेत सोने चांदी के आभूषण चुरा ले गए थे। जिसकी पीडित द्वारा 21 दिसंबर 2021 को पुलिस थाना सायला में रिपोर्ट दी गई थी। वही खरल गांव से गत 17 से 22 फरवरी के बीच एक ट्रेक्टर आरजे16 आर 5487 मैसी फग्र्यूसन डीआई 1998 मॉडल चोरी हुआ था। इसी प्रकार थानाक्षेत्र के मेंगलवा में 9 नवंबर 2021 को 1 मंदिर, 2 सूने घर व 1 दुकान, 15 दिसंबर 2021 को सुराणा में 3 सूने मकानों, 23 दिसंबर 2021 को जीवाणा में 4 दुकानों, 5 मार्च 2022 को सायला के पोस्ट ऑफिस रोड से एक मोटरसाइकिल व 13 अप्रेल 2022 को जीवाणा में मोटर रिपेयङ्क्षरग की दुकान मे अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसका भी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है।

रात्रि गश्त पर सवालिया निशान

थानाक्षेत्र में चोर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे है, लेकिन पुलिस चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवालियां निशान लग रहा है। लोगो का कहना है कि रात्रि गश्त के नाम पर पुलिस केवल कागजी कोरम पूरा कर रही है लेकिन रात्रि गश्त नही हो रही है। अगर हकीकत में पुलिस की प्रभावी रात्रि गश्त होती तो चोरी की घटनाएं नही होती।

इनका कहना

चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए प्रयास जारी है। लोगों से प्राप्त जानकारी एवं तकनीकी आधार पर जांच कर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। - ध्रुवप्रसाद, सीआई, सायला