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जालोर. साहब मेरे बेटे ने ऐसी महिला से विवाह किया है, जो पहले से शादीशुदा है। उसने मेरे फर्जीहस्ताक्षर करके आवेदन किया है। इसका आप विवाह पंजीयन रोक दो। खुद नगरपरिषद आयुक्त भी इस मामले को लेकर हैरान हैं। आखिर वे सुनें तो किसकी सुनें।
जालोर की कस्तूरबा कॉलोनी निवासी बगदाराम माली ने 27 वर्षीय बेटे कमलेश और नारणावास की एक विवाहिता का विवाह पंजीयन नहीं करने के लिए आयुक्त को पत्र लिखा है। पिता ने पत्र में बताया गया है कि कमलेश शादीशुदा नहीं है, लेकिन नारणावास निवासी एक विवाहिता ने उसे बहला फुसलाकर उसके पुत्र से शादी की है।
जोधपुर आर्य समाज में की शादी
पिता की ओर से लिखे पत्र में बताया कि विवाहिता ने गलत रूप से जोधपुर के महामंदिर स्थित आर्य समाज में शादी कर ली। बाद में जालोर के एक ई-मित्र पर विवाह पंजीयन के लिए आवेदन किया गया। जहां से वेरिफिकेशन के लिए पंजीयन संबंधी दस्तावेज जालोर नगरपरिषद को मिले। इस पूरे प्रकरण में नगरपरिषद आयुक्त भी पशोपेश की स्थिति में है। एक तरफ इस मामले में पुत्र है और दूसरी तरफ विरोध में पिता ही है।
थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पिता की ओर से कुछ दिनों पहले बेटे के बिना बताए ही घर से चले जाने को लेकर जालोर पुलिस थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पिता का कहना है कि चार-पांच दिन पहले खोजबीन करने पर पता चला कि बेटे कमलेश ने नारणावास की एक लड़की के साथ अवैधानिक रूप से हलफनामा बनाकर गलत रूप से शादी का पंजीयन कराने के लिए नगरपरिषद में आवेदन किया है।
इनका कहना है...
विवाह पंजीयन के लिए शहर की कस्तूरबा कॉलोनी से हमें ऐसा एक आवेदन ई-मित्र से प्राप्त हुआ है। इस पर पिता ने आपत्ति दर्ज कराई है कि लड़की पहले से ही शादीशुदा है। ऐसे में पहले पति से संबंध विच्छेद किए बिना दूसरी शादी असंवैधानिक है। इसलिए फिलहाल हमने विवाह पंजीयन नहीं किया है। वधु की ओर से यह साक्ष्य पेश करने होंगे कि पहले पति से संबंध विच्छेद हो चुके हैं। तभी विवाह पंजीयन हो सकता है।
- सौरभकुमार जिंदल, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर
Published on:
17 Jan 2018 10:50 am
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