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Indira Rasoi: विधायकों के बोल- डॉक्टरों ने बाहर खाने का मना किया है इसलिए इंदिरा रसोई में खाना नहीं खा रहे

indira rasoi yojana rajasthan: जनता को महज 8 रुपए में एक स्थान पर सम्मानपूर्वक बैठाकर शुद्ध, ताजा व पौष्टिक भोजन खिलाने के लिए शुरू की गई इंदिरा रसोई योजना से जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी है। जालोर जिले में पांच विधायक है।

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Indira Rasoi: विधायकों के बोल- डॉक्टरों ने बाहर खाने का मना किया है इसलिए इंदिरा रसोई में खाना नहीं खा रहे

Indira Rasoi: विधायकों के बोल- डॉक्टरों ने बाहर खाने का मना किया है इसलिए इंदिरा रसोई में खाना नहीं खा रहे

गजेंद्र सिंह दहिया/जालोर. जनता को महज 8 रुपए में एक स्थान पर सम्मानपूर्वक बैठाकर शुद्ध, ताजा व पौष्टिक भोजन खिलाने के लिए शुरू की गई इंदिरा रसोई योजना से जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी है। जालोर जिले में पांच विधायक है। इसमें से केवल श्रमराज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने ही ढाई महीने पहले सांचौर में इंदिरा रसोई का उद्घाटन करते समय खाना खाया था। उसके बाद उन्होंने भी indira rasoi yojana rajasthan की तरफ मुडकर नहीं देखा। शेष बचे आहोर, भीनमाल, रानीवाड़ा और जालोर शहर के विधायकों ने जनता की इस रसोई का स्वाद तक नहीं चखा। किसी विधायक का तर्क है कि उनके क्षेत्र में इंदिरा रसोई नहीं है तो कोई विधायक कह रहा है कि उसे डॉक्टर ने बाहर का खाना खाने के लिए मना किया है।

मुख्यमंत्री की अपील काम नहीं कर रही

प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्पनीक इंदिरा रसोई में भोजन किया था। उसके बाद उनके जन्मदिवस समारोह को भी विभिन्न मंत्रियों और कार्यकत्र्ताओं ने इंदिरा रसोई में मनाया। गहलोत ने इंदिरा रसोई की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को महीने में एक बार भोजन करने की अपील की थी ताकि जनता को अच्छा खाना मिलता रहे।

क्या है इंदिरा रसोई योजना

प्रदेश में 20 अगस्त 2020 को इंदिरा रसोई योजना शुरू की गई थी। इसमें किसी भी व्यक्ति को 8 रुपए में निश्चित स्थान पर बैठाकर भोजन करवाया जाता है। राज्य सरकार द्वारा 17 रूपये प्रति थाली अनुदान दिया जाता है। योजना के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है। भोजन मेन्यू में मुख्य रूप से प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं आचार सम्मिलित है। पूरे प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1.50 लाख लोगों को खाना खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में इंदिरा रसोई की संख्या 870 है जिसमें से जालोर जिले में 15 है।

जनप्रतिनििधयों के तर्क

1 मैं व्यस्त था

व्यस्तता के कारण मैं इंदिरा रसोई में खाना नहीं खा सका। किसी दिन जाकर वहां निरीक्षण करने के साथ खाना खाऊंगा।

- जोगेश्वर गर्ग, जालोर विधायक

2. शहर आया तो इंदिरा रसोई बंद थी

मेरे विधानसभा क्षेत्र में इंदिरा रसोई नहीं है। मैं जालोर शहर आया तो उस दिन इंदिरा रसोई बंद थी इसलिए खाना नहीं हो पाया।

- छगनसिंह राजपुरोहित, आहोर विधायक

3. डॉक्टर ने बाहर के खाने का मना किया है

मैंने वसुंधरा सरकार के समय खाना खाया था। अब डॉक्टर ने बाहर का खाना खाने के लिए मना किया है।

- पुनाराम चौधरी, भीनमाल विधायक

4. केवल उद्घाटन करके खाना खाया था

अभी 2 महीने से मैं गुजरात में हूं। ढाई महीने पहले हॉस्पिटल के पास इंदिरा रसोई के उद्घाटन के समय जरूर खाना खाया था।

- सुखराम चौधरी, सांचौर विधायक व श्रमराज्य मंत्री

5. एक बार भी खाना नहीं खाया वैसे मैं गुजरात चुनाव में व्यस्त हूं लेकिन इंदिरा रसोई में अब तक तो एक बार भी खाना नहीं खाया है।

नारायण सिंह देवल, रानीवाड़ा विधायक