
Mother's responsibility for the four children Upbringing
हाड़ेचा. क्षेत्र के दूठवा गांव में एक युवक की मौत के डेढ़ साल बाद उसके परिवार को सरकारी इमदाद का इंतजार है। गौरतलब है कि 17 अगस्त 2016 को बाढ़ के दौरान खेत जाने के दौरान रपट पार करते हुए पानी में डूबने से दूठवा निवासी रमजानखां की मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद परिवार में चार बच्चों की जिम्मेदारी उसकी पत्नी पर आ गई। रमजान की मौत के बाद उसके परिवार को अब तक सरकारी इमदाद का इंतजार है।
बीपीएल परिवार, घर में कमाने वाला नहीं
रमजान का परिवार बीपीएल है। इनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। ऐसे में परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी रमजान की पत्नी पर आ गई है।
नहीं मिल रही इमदाद
रमजान घर में अकेला कमाऊ था। उसकी मौत के बाद दो बच्चे नाबालिग होने के साथ ही बच्चियां बड़ी होने पर शादियों सहित अन्य कई जिम्मेदारी रमजान की पत्नी पर आ गई। उसकी पत्नी ने बताया कि राज रूठ गया है। कई बार कोशिश करने के बाद भी सरकारी इमदाद नहीं मिल रही है। कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया। लेकिन सहायता नहीं मिली।
रेस्क्यू कर निकाला था शव
बाढ़ के दौरान रेस्क्यू टीम ने तीन दिन की मशक्कत के बाद रमजान के शव को निकाला था। वहीं चिकित्सा टीम की ओर से पोस्टमार्टम भी किया था। सरकारी इमदाद के लिए तहसील कार्यालय चितलवाना में कागजात भी जमा करवाए गए थे।लेकिन अभी तक इमदाद नहीं मिलने से विधवा भटक रही है।
इनका कहना...
गरीब परिवार से है। सरकारी सहायता के लिए कई चक्कर लगाए है। लेकिन आज तक कोई सहायता नहीं मिली है।
-रावतसिंह दूठवा
&आवश्यक कागजात तहसीलदार कार्यालय चितलवाना व उपखण्ड कार्यालय चितलवाना में जमा करवा दिए है, लेकिन इमदाद नहीं मिली है।
-बहादूरसिंह, समाजसेवी चितलवाना
सरकारी दफ्तरों के कई बार चक्कर लगाने के बावजूद किसी प्रकार की इमदाद नहीं मिली है। अब घर चलाना मुश्किल हो गया है।
-शांतादेवी, मृतक रमजान की पत्नी
मामले की जानकारी लेता हूं। चितलवाना तहसील कार्यालय में इस मामले में जानकारी लेकर जल्द ही सरकारी इमदाद दिलवाएंगे।
-मुरारीलाल शर्मा, उपखण्ड अधिकारी चितलवाना
Published on:
20 Feb 2018 10:54 am
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