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National Sports Day 2023: फुटबॉल के मैदान में राजस्थान का मान बढ़ा रहीं बेटियां, लड़कों संग प्रेक्टिस कर नेशनल टीम में बनाई जगह

National Sports Day 2023: जालोर जिले के डबाल (सांचौर) की भावना और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुंदाऊ की छात्रा मूल रूप से नया मोरसीम (बागोड़ा) निवासी मनीषा ने जालोर को 10 से 13 जून 2023 को आयोजित इस राष्ट्रीय फुटबॉल स्पर्धा में भाग लिया।

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जालोर

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Nupur Sharma

Aug 29, 2023

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स्टेट टीम के सदस्यों के साथ मौजूद दोनों खिलाड़ी।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जालोर। National Sports Day 2023: म्हारी छोरियां छोरों से कै कम है...। दंगल मूवी का यह चर्चित डायलॉग जालोर की बेटियों पर सटीक बैठता है। करीब दो दशक पहले तक खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले बेटियों के गिने चुने नाम ही जालोर जिले में थे। लेकिन अब इस मिथक को बेटियों ने अपने बूते तोड़ दिया है। गौरव की बात यह भी है कि जालोर जिले से पहली बार फुटबॉल प्रतियोगिता में इस नेशनल लेवल तक जालोर की ग्रामीण क्षेत्र की ये बेटियां पहुंची और भोपाल (मध्यप्रदेश) में आयोजित 19 वर्षीय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया। जालोर जिले के डबाल (सांचौर) की भावना और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुंदाऊ की छात्रा मूल रूप से नया मोरसीम (बागोड़ा) निवासी मनीषा ने जालोर को 10 से 13 जून 2023 को आयोजित इस राष्ट्रीय फुटबॉल स्पर्धा में भाग लिया।

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जज्बा: दो बेटियों के हौंसले से अब 50 बेटियां आगे आई: भावना और मनीषा के प्रशिक्षक बताते हैं कि 10 साल पहले तक बेटियों को खेल के मैदान तक भेजने से परिजन कतराते थे। इन बेटियों के कारण गांवों में अब धारणा बदली है। दोनों नेशनल खेलकर लौटी है तो दूसरी बेटियों के हौसले भी बढ़े। प्रशिक्षक हरिराम के पास वर्तमान में 20 के करीब तो प्रशिक्षक गुमानसिंह के पास 30 के करीब बेटियां फुटबॉल खेल का प्रशिक्षण ले रही है। बता दें दोनों ही बेटियों को शुरुआती दिनों में बालिका फुटबॉल खिलाड़ी कम होने पर प्रेक्टिस में दिक्कत होती थी। कोच ने इन्हें बालकों के साथ ही पे्रक्टिस करवाई। अब भी बेटियों की टीम का कई बार प्रेक्टिस के लिए जूनियर बॉयज टीम से मुकाबला करवाया जाता है।

स्कूल में गर्ल्स टीम के बॉयज से मुकाबले हुए: बाल निवासी भावना कुमारी पुत्री लालाराम कलबी किसान परिवार से ताल्लुक रखती है। पिता कृषि कार्य करते हैं। जबकि माता संविदा शिक्षिका (पाठशाला सहायक) है। भावना अच्छी मिड फिल्डर है। फुटबॉल की अच्छी खिलाड़ी होने के साथ बारहवीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में पहला स्थान हासिल किया। डबाल स्कूल में पोस्टेट प्रशिक्षक हरिराम डारा स्वयं फुटबॉल के बेहतर खिलाड़ी रहे और जोधपुर यूनिवर्सिटी से ऑल इंडिया फुटबॉल खेल चुके। उन्हीं के मार्गदर्शन में भावना ने फुटबॉल खेल को सीखा। प्रशिक्षक हरीराम बताते है कि भावना को फुटबॉल का जुनून है। इसी जुनून को देखते हुए कई मौकों पर बालिकाओं की टीम का मुकाबले स्कूल के ही 14 वर्ष ग्रुप के बालकों से भी करवाए, जिसमें बालिका टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया।

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स्कूल से दूरी, इसलिए ननिहाल में रही: राजकीय उच्च ध्यमिक विद्यालय गुंदाऊ की छात्रा मनीषा कंवर मूल रूप से नया मोरसीम की निवासी है। घर से स्कूल की दूरी अधिक थी, इसलिए अपने ननिहाल गुंदाऊ में रहकर न केवल 12वीं की पढ़ाई की, बल्कि फुटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। पीटीआई गुमानसिंह ने खेल की बारीकियां सिखाई। कोच गुमानसिंह भी फुटबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। मनीषा के पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन उसके बावजूद हौसले को कायम रखा और उसी जज्बे के साथ मैदान में दमखम दिखाया।