
No dumping yard in Sanchore Nagar palika area
सांचौर. नगरपालिका प्रशासन की ओर से डंपिग यार्ड के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर महज औपचारिकता बरती जा रही है। पालिका की ओर से शहर में मनमर्जी से बिना जगह का निर्धारण किए कचरा डाला जा रहा है। पालिका की ओर से डाले गए इस कचरे को बेसहारा पशु खाकर काल का ग्रास भी बन रहे हें। इधर, सांचौर लिफ्ट कैनाल व मेला मैदान के पास पालिका की ओर से डाला जा रहा शहर का कचरा पर्यावरण को भी प्रदूषित कर रहा है। मेला मैदान में केयर्न एनर्जी व भारत विकास परिषद के संयुक्त प्रयास से करीब ६ हजार पौधे लगाए गए हैं, लेकिन अब इनके आस पास पास डपिंग यार्ड बना दिया गया है। जहां पर कचरे में आग लगाने से धुआं व आग की लपटें उठने से आस-पास खड़े पौधे उसकी चपेट में आ रहे हैं। जिनमें से अधिंकाश पौधे जलने के कगार पर है। गौरतलब है कि शहर के कचरे के निस्तारण के लिए पालिका को ४१ वर्ष बाद भी ना तो जमीन मिल पाई है और ना ही अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने आज तक इसके लिए कोई प्लान बनाया है। ऐसे में शहर का कचरा आबादी क्षेत्र या सांचौर लिफ्ट कैनाल से सटे क्षेत्र में डाला जा रहा है। शहरवासियों की ओर से इस बारे में कई बार विरोध करने के बावजूद समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। खुले में डाले जा रहे कचरे की बदौलत शहर में गंदगी का आलम है।
धुएं से घुट रहा दम
सांचौर पालिका क्षेत्र में डङ्क्षपग यार्ड नहीं होने के बावजूद पालिका की ओर से प्रतिवर्ष कचरा उठाने के लिए करोड़ों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। वहीं कचरा डालने का निर्धारित स्थान नहीं होने से शहर का अधिकांश कचरा सफाई करने वाले कार्मिक सड़कों के किनारे ही खुले में जला देते हैं। जिससे उठने वाला धुआं शहर का वातावरण प्रदूषित करता है। अल सवेरे निकलने वाले धुएं से लोगो का दम भी घुट रहा है।
कैनाल के पास डाल रहे कचरा
पालिका की ओर से शहर के माखुपुरा से निकलने वाली सांचौर लिफ्ट कैनाल से सटे भाग में कचरा डंप किया जाता है। वहीं दूसरी ओर नेशनल हाइवे के माखुपुरा पुलिया के पास व रानीवाड़ा रोड पर आबादी क्षेत्र के पास सड़क किनारे भी खुले में बेरोकटोक कचरा डाला जा रहा है।
Published on:
14 Mar 2020 10:25 am
बड़ी खबरें
View Allजालोर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
