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ना आबादी ना घर, नहर किनारे पर ट्यूबवेल खुदवाकर लगा दिए नल

नेहड़ के कई गांवों में आबादी से दूर नहर किनारे खुदवाए ट्यूबवेल

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jalorenews

नेहड़ के कई गांवों में आबादी से दूर नहर किनारे खुदवाए ट्यूबवेल

चितलवाना. नेहड़ क्षेत्र के लोगों के भले ही प्यास के मारे कंठ सूख रहे हैं, लेकिन जलदाय विभाग ओर से गांव-ढाणियों की मुख्य आबादी से कई किमी दूर नहर के किनारे ही ट्यूबवेल खुदवाकर पानी की टंकी व नल लगाकर इतिश्री कर ली गई है।
जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिक विभाग की ओर से नेहड़ के हर गांव में पनघट योजना के तहत हाल ही में ट्यूबवेल खुदवाए थे, लेकिन यहां खारा पानी निकलने से ट्यूबवेल चालू नहीं किए गए। ऐसे में विभाग ने नहरी क्षेत्र में मीठे पानी का दावा करते हुए नहर किनारे ही ट्यूबवेल शुरू किए हैं। वहीं यहां पानी ही टंकी रखकर नल भी लगाए गए हैं जो महज कागजी साबित हो रहे हैं। ये ट्यूबवेल गांव व आबादी से काफी दूर होने के कारण लोगों के काम नहीं आ रहे हैं। इधर, नेहड़ क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई है और हालात और विकट होंगे।
यह है पनघट योजना
पनघट योजना के तहत गांव व ढाणियों की आबादी के बीच आम चौहटे पर ट्यूबवेल खुदवाने के बाद यहां सिंगल फेज की मोटर लगाकर इसके पास ही पांच सौ या हजार लीटर की टंकी स्थापित की जाती है। जिस पर नल भी लगाने होते हैं। टंकी भरने के बाद लोग यहां से पानी ले जा सकते हैं।
आबादी से पांच किमी दूर
जलदाय विभाग की ओर से नहर किनारे ट्यूबवेल खुदवाने के बाद यहां सिंगल फेज की मोटर लगाई गई। इसके बाद ट्यूबवेल चालू कर टंकी पानी से भर दी गई हैं, लेकिन इस टंकी और गांव की आबादी के बीच करीब पांच किमी की दूरी है। जिससे लोगों को पानी लाने-ले जाने में भी दिक्कत झेलनी पड़ेगी।
महीनों से बंद है सप्लाई
&डावल गांव में पानी की सप्लाई महीनों से बंद पड़ी है। वहीं विभाग ने गांव से पांच किमी दूर डेडवा नहर पर ट्यूबवेल खोदकर टंकी लगाई है। दूरी अधिक होने से ये ट्यूबवेल भी ग्रामीणों के कोई काम नहीं आ रहा है।
- आदुलाल, उपसरपंच, डावल
ग्रामीण ले जा सकते है पानी
&नहर किनारे ट्यूबवेल में पानी मीठा होने की सम्भावना थी। वहीं यहां बिजली कनेक्शन भी होने से ट्यूबवेल शुरू किया गया है। वैसे नहर पर आबादी नहीं है। ग्रामीण यहां से पानी ले जा सकते हैं।
- अमृतलाल रेगर, एईएन, जलदाय विभाग, सांचौर