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जल सहेजने की कवायद, श्रमदान में उमड़े ग्रामीण

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जल सहेजने की कवायद, श्रमदान में उमड़े ग्रामीण

राजस्थान पत्रिका का अमृतम् जलम् कार्यक्रम


चितलवाना. बारिश का पानी सहेजने से ही गांव के हर व्यक्ति की प्यास बुझ पाएगी। ऐसे में बारिश से पहले तालाब की सफाई भी करना जरूरी है। यह बात राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् कार्यक्रम के दौरान गुड़ाहेमा के मुख्य आबादी क्षेत्र में स्थित तालाब की साफ-सफाई के दौरान महिला-पुरुषों ने कही।
गुड़ाहेमा गांव की मुख्य आबादी के पास ही यह तालाब स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में एक-दो बार बारिश होने के बाद यह तालाब लबालब भर जाता था। जिससे साल भर लोग तालाब के पानी से प्यास बुझाते थे, लेकिन अब यह तालाब बबूल की झाडिय़ों व कचरे से अटा होने के कारण इसमें पानी नहीं ठहर पाता है। ऐसे में लोगों ने राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अमृतम् जलम् अभियान की सराहना करते हुए तालाब की सफाई की। वहीं देखते ही देखते तालाब निखर उठा। ग्रामीणों ने इस दौरान हर रोज तालाब की सफाई का अभियान जारी रखने की बात कही। ताकि बारिश में तालाब भर जाने से गांव के लोग प्यास बुझा सकें। इस दौरान ग्रामीणों में उत्साह बना रहा। अंत में जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर ग्रामीणों ने संकल्प भी लिया।


महिलाएं रही आगे
गुड़ाहेमा गांव की मुख्य आबादी के पास हीपत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान के दौरान तालाब की सफाई करने के लिए पुरुषों से ज्यादा महिलाएं अलसुबह से ही पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं ने तालाब की सफाई को लेकर बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कुछ ही देर बाद तालाब से कचरा, बबूल की झाडिय़ां व मिट्टी बाहर निकालकर चमकाया गया।


पेयजल के लिए वरदान साबित होगा...
गुड़ाहेमा की मुख्य आबादी में स्थित इस तालाब की सफाई करने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान तालाब भर जाने से ग्रामीणों व पशुओं के पीने के लिए साल भर तक पानी काम आएगा। वहीं तालाब में पानी सूखने के बाद कच्ची बेरियों से रिसाव का पानी भी प्यास बुझाएगा।


सरपंच ने की शुरुआत
गुड़ाहेमा सरपंच बाबुलाल भादू ने पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अमृतम् जलम् कार्यक्रम की सहारना करते हुए तालाब में सबसे पहले मिट्टी निकालकर सफाई कार्य की शुरुआत की। साथ ही गांव के लोगों को भी इसमें योगदान करने की अपील की। इसेक बाद ग्रामीणों भी तालाब की सफाई में जुट गए। ग्रामीणों व सरपंच ने हर रोज की तालाब की सफाईका अभियान जारी रखने की बात कही। इस मौके पर एडवोकेट भागीरथराम भादू, भाखराराम विडार, रमजानखां, बाबुलाल सुथार, कसराराम भील, हजाराम गर्ग, भैराराम भादू, रामाराम देवासी व मगाराम मेघवाल सहित कई मौजूद थे।

उम्मेदपुर तालाब में किया श्रमदान
उम्मेदपुर (आहोर). राजस्थान पत्रिका की ओर से सामाजिक सरोकार के तहत जल संरक्षण को लेकर इन दिनों चलाए जा रहे अमृतम्-जलम् अभियान के तहत आओ भागीरथ बने, संरक्षित जल-सुरक्षित कल व जल संरक्षण के संकल्प को लेकर उम्मेदपुर में रविवार को श्रमदान किया गया।
अभियान के तहत मनरेगा श्रमिकों व ग्रामीणों ने गांव में परंपरागत जलस्रोत पर पहुंचकर उत्साह व उमंग के साथ श्रमदान किया। सामूहिक रूप से जल संरक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि भू-जल स्तर में दिनों दिन गिरावट हो रही है। इससे जलसंकट झेलना पड़ रहा है। समस्या से बचने के लिए पारम्परिक जलस्रातों का संरक्षण आवश्यक है। इनकी देखभाल करने का संकल्प लिया गया।