
Other states Workers in the Restricted area
हाड़ेचा. अंतर्राष्ट्रीय सीमा के चलते सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जालोर जिले के सरवाना, सांचौर व चितलवाना थाना क्षेत्र में प्रवेश से पूर्व कलक्टर व एसडीओ से स्वीकृति लेना जरूरी है, लेकिन पिछले कई दिन से इन तीनों थाना क्षेत्र में चल रहे नर्मदा नहर के मरम्मत कार्यों में कार्य करने वाले अधिकतर मजदूर पंश्चिम बंगाल सहित अन्य प्रदेशों के हैं। जिनके बारे में ना तो पुलिस को जानकारी है और ना ही प्रशासन को। सांचौर थाने के पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो यहां टेंडर करने वाली सरकारी एजेंसियों के एक भी ठेकेदार ने इसकी स्वीकृति नहीं ली है। इस बारे में उपखण्ड अधिकारी का कहना है कि सीएलजी की बैठक में पुुलिस विभाग के अधिकारियों को बाहरी लोगों व ठेकेदारों की ओर से लगाए जाने वाले श्रमिकों की पूरी जानकारी रखने की बात कही गई थी। इसके बावजूद यहां ऐसे सैकड़ों मजदूर पुलिस वेरिफिकेशन के बिना काम करते नजर आ रहे हैं। फिर भी पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
यहां पर चल रहे कार्य..
क्षेत्र के भीमगुड़ा सरहद में चितलवाना पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में ठेकेदारों की ओर से बाहरी लोगों से कार्य करवाया जा रहा है। वहीं सांचौर थाना क्षेत्र के हाड़ेचा व बालेरा वितरिका सहित कई गांवों में पश्चिम बंगाल के मजदूर कार्य कर रहे हैं। इसी तरह सरवाना थाना क्षेत्र के वांक, बालेरा, रतौड़ा वितरिका व माइनरों के मरम्मत के कार्यों में भी ऐसे कई मजदूर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। इधर, नर्मदा के अधिकारियों की मानें तो ठेकेदारों को टेंडर के माध्यम से कार्य के लिए स्वीकृति दी जाती है। ठेकेदार कार्य करने के लिए श्रमिक कहां से लाते हैं, इसकी पूरी जानकारी प्रशासन को ही रखनी होती है। नर्मदा विभाग का इससे कोई ताल्लुक नहीं होता है।
बाहरी के साथ बाल श्रमिक भी
ठेकेदारों की ओर से इन गांवों में सस्ती मजदूरी के चक्कर में बाहरी राज्यों के अलावा बाल श्रमिकों से कार्य करवाया जा रहा है। खास बात तो यह है कि नर्मदा के अधिकारी भी इन कार्यों के दौरान मौके पर मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद बाल श्रमिकों को लेकर उनकी ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
इनका कहना...
सीमांत क्षेत्र होने से इन क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के लिए अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन यहां सरकारी एजेंसियों के जरिए कार्य हो रहा है। ऐसे में प्रशासन को इस बारे में ध्यान रखना चाहिए। पुलिस की ओर से इन क्षेत्र में संदिग्ध लोगों पर नजर रख कार्रवाई की जाएगी।
- सुखाराम विश्नोई, थाना प्रभारी, सांचौर
नर्मदा विभाग की ओर से टेंडर के जरिए ठेकेदारों को कार्य दिया जा रहा है। नर्मदा विभाग काम की गुणवत्ता पर ध्यान देता है। यहां पर कार्य करने वाले मजदूरों से विभाग का कोई वास्ता नहीं होता है। जहां तक बाल श्रमिकों की बात है, तो इस बारे में पता कर ठेकेदार को पाबंद करेंगे।
-महेश मीणा, एक्सईएन, नर्मदा परियोजना, सांचौर
सांचौर व चितलवाना उपखण्ड के सरवाना, सांचौर व चितलवाना पुलिस थाना क्षेत्र सीमांत होने के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में यहां बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध है। यहां कार्य करने वाली एजेंसियों की ओर से बाहरी लोगों से कार्य करवाया जाता है तो प्रशासन से स्वीकृति लेना जरूरी है।
- मुरारीलाल शर्मा, एसडीएम, संाचौर-चितलवाना
Published on:
16 Jan 2018 11:04 am
बड़ी खबरें
View Allजालोर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
