
भीनमाल. शहर के रामसीन रोड लक्ष्मी वल्लभ पाश्र्वनाथ 72 जिनालय के सातवें वार्षिकोत्सव के तहत रविवार शाम को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवि व कवियित्रियों ने वीर, हास्य व श्रृंगाररस की कविताओं के माध्यम से राजनीति, भारत-पाक सीमाओं के हालात पर व्यंग्य कसे। कवि सम्मेलन का आगाज कवियित्री ने डॉ. ममता शर्मा ने सरस्वती वंदना से की। वीररस के कवि हरिओम पंवार ने घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने आया हूं, सीमाओं का युद्ध विजेता युद्धवीर बन जाता, ये पाकिस्तानी गालो पर दो चाटे होतेे, अगर दो के बदले चार सिर काटे होत, सिंघो की गर्दन कटवा दी, चूहों की गद्दारी में..., दुनिया को एहसास करा दो 56 इंच सीने का..., मैं ताजो के लिए समर्पण गीत नही गाता... की रचनाओं की प्रस्तुति देकर कवि सम्मेलन में वीररस के भाव भर दिए। उन्होंने आगे ऐसा करो देश देखता रह जाए...भूखे मरते किसानों के घर खुशहाली से भर दो की कविताओं की प्रस्तुति दी। श्रृंगार कवियत्री मोनिका देहलवी ने याद दे जा तन्हा... रसधर गीत गजलो की बहाने आई हूं... दरवाजा खुला है दिल का... यदि प्यार में समर्पित नहीं होते... तुम्हे चंद देखना है तो रात में आओ... की प्रेम-प्रेमिकाओं के प्यार इजहार पर कविताओं की प्रस्तुति दी। हास्य कवि संपत-सरल राजनेता के बयानों पर व्यग्य, जीएसटी, नोटबंदी, बुलेट ट्रेन के कर्जे पर व्यग्य, 2014 के बाद भ्रष्टाचार बदल कर दुगुना हो गया, मीडिया दिखता है दिये के साथ है चलता हवा के साथ है। सोशल मीडिया पर जमकर व्यग्य कसा। कवि राजकुमार ने सत्ता सुंदरी... कविता की प्रस्तुति देकर राजनीति पर व्यंग्य किया। शृंगार रस डॉ. भुवन मोहिनी ने भाव गगन में उड़ जाऊ..., एक अधूरी कहानी तो मुझमें भी, मीरा दीवानी मुझमें भी है। किसी जुल्फ का बादल होना..., नेनो ने नेनो ही में मदिरा घोली रात भर, चांद को पाने में खिडक़ी खोली रात भर..., किसी बांसुरी ने जहां तान दे दी वही मरमिटे हम, मौत कितनी आसान दे दी...., महादेवी की आशा हंू निराशा हो नही सकती, पिता पुत्री सुन नही पाए वह भाषा हो नहीं सकती..., तना हो सर पर छप्पर तो सावन क्या बिगड़ेगा, रेखा मत लांघना जो खिंची लक्ष्मण ने तो रावण क्या बिगडेगा... श्रृंगाररस की कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चिराग जैन ने पति-पत्नी पर करवा चौथ, बैंकॉक भ्रमण, घरेलू हिंसा, बनिया, इन्वेस्टमेंट के माध्यम से व्यंग्य कसे। इस देश मे झूठ बोले जाते है, इतिहास गवाह है कि पहला वार हिन्दुस्तान ने नहीं किया... सच कोई भी मां अनपढ नही सयानी होती है पर जोरदार तालिया बटोरी। डॉ. ममता शर्मा ने जिसने सोचा नही कुछ वतन के सिवा, उनको क्या और दे नमन के सिवा... नेता गिरा रे वोटो के बाजार में..., लालू यादव पर कविता बच्चे नौ ही अच्छे... कविता की प्रस्तुति देकर श्रोताओं में हंसी के फव्वारें छोड़ दिए। कवि सम्मेलन में हरियाणा भाषा के कवि अरुण जैमिनी ने उत्तर प्रदेश के चुनावों पर अपनी रचना पढ़ी कि यूपी के चुनाव परिणाम वाले दिन, अखिलेश ने राहुल को फोन किया, लगता है कि हम बुरी तरह हार रहे हैं ये तो हद है। राहुल बोला. तेरी तू जाने हमें तो आदत है... कविता की प्रस्तुति देकर भारतीय राजनीति व सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर व्यंग्य कसे। उन्होंने देवी-देवताओं के वाहनों ने छुट्टी की प्रार्थना की। अंत में आए यमराज के भैंसे ने कहा कि मुझे छुटटी से ज्यादा ड्यूटी प्यारी है, मेरी मांग आपको अलग लगे अब मैं यमराज को अपने हिसाब से चलाउंगा। मैं भ्रष्टाचारियों की जड़े खोदना चाहता हूं और नियंत्रण रेखा पार करके आतंकवादियों के शिविरों को रोंदना चाहता हूं पर खूब तालिया बटोरी। मंच का संचालन चिराग जैन ने किया। इस मौके रमेश लूकड़, पवनी लूकड़, विनोद अग्रवाल, राहुल शाह, पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, पालिकाध्यक्ष सांवलाराम देवासी, एसडीएम दौलतराम चौधरी, अशोक सेठ, रमेश सेठ, डॉ. भूपेन्द्र चौधरी, डॉ. हि?मत शर्मा, रमेश बोराणा, पृथ्वीराज बाफना, शांतिलाल जैन, विक्रमसिंह पूनासा, माणकमल भण्डारी, भारताराम देवासी, मुकेश बाफना, भाजपा नगर अध्यक्ष भरतसिंह भोजाणी व लक्ष्मण भजवाड़ सहित कई लोग मौजूद थे।
प्रतिभा शर्मा से बंधवाया रक्षा सूत्र
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान कवि हरिओम पंवार ने शहर के बालिका राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका प्रतिभा शर्मा से रक्षा सूत्र बंधवाया। उन्होंने मंच से ही बहन का रिश्ता निभाने का वादा भी किया। शिक्षिका प्रतिभा शर्मा डॉ. हिम्मत शर्मा की पत्नी है। डॉ. शर्मा का शहर में निजी चिकित्सालय है।
Updated on:
29 Jan 2018 04:11 pm
Published on:
29 Jan 2018 04:04 pm
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