
कार्रवाई पर एक नजर
जीतेश रावल
जालोर. शराब के अवैध कारोबार से चांदी काटने वालों की अब शामत आ गई है। दुकानों की आड़ में ब्रांच चलाने वालों पर पुलिस डंडा चला रही है। अवैध कारोबार की नकेल कसने को पुलिस ने खासतौर से कार्रवाईअभियान शुरू किया है।उधर, आबकारी महकमा भी सख्ती दिखा रहा है। पुलिस व आबकारी की सख्ती के कारण पिछले तीन माह में ही इस तरह के लगभग सौ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। शराब के अवैध धंधों पर हुई कार्रवाई के बाद कुछ पुराने माफिया इन दिनों कारोबार ही समेट चुके हैं।
लाइसेंस की आड़ में ब्रांच
बताया जा रहा है कि लाइसेंसी दुकानदार अपने नजदीकी क्षेत्र में बिना लाइसेंस दुकानें संचालित करते हैं, जिसे ब्रांच कहते है। अवैध होने सेइन दुकानों में नियम-कायदों का पालन नहीं किया जाता। यहां किसी भी समय शराब मिल जाती है।कई जगह तो ठेकेदार को दुकान से ज्यादा ब्रांच से कमाई मिलती है।
खपती है अन्य प्रदेशों की शराब
अवैध कारोबार से राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।अवैध ठिकानों पर राजस्थान निर्मित सरकारी शराब के बजाय अन्य प्रदेशों की शराब भी आसानी से खप जाती है।
यह विभागीय राजस्व तोडऩे के लिए काफी है।ऐसे में अवैध कारोबार को बंद करना आवश्यक था।
राजस्व टूटने से चेता आबकारी महकमा
आमतौर पर अवैध कारोबार करने वाले माफिया लाइसेंसी दुकान से ही माल खरीद ले जाते हैं। लिहाजा आबकारी महकमा इनकी ओर देखता तक नहीं, लेकिन अन्य प्रदेशों की शराब बिकने पर राजस्व टूटने लगता है। लिहाजा महकमे को अवैध शराब बिकने का अंदेशा होने लगता है।सूत्र बताते हैं किकुछमाह से महकमे को लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व नहीं मिलने से अवैध शराब की बिक्री का अंदेशा हुआ। अवैध पर कार्रवाई नहीं होने पर राजस्व और टूट सकता है। ऐसे में कार्रवाई अभियान शुरू किया।
निर्देशित कर रखा है...
शराब के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।लाइसेंस की आड़ में चल रही अवैध दुकानों की धरपकड़ करने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित कर रखा है।
-विकास शर्मा, पुलिस अधीक्षक, जालोर
कार्रवाई कर रहे हैं...
&लाइसेंसी दुकानों की आड़ में अवैध शराब बेचना गलत है।इससे राजस्व अर्जन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। अवैध मामले पकडऩे के लिए हम लगातार कार्रवाई कर रहे है।
-विनोद वैष्णव, जिला आबकारी अधिकारी, जालोर
Published on:
05 Jul 2017 12:07 pm
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