
आहोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बायो वेस्ट में आग लगा दी
जालोर. जिले में बायो वेस्ट का निस्तारण करने के लिए कोई ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। इससे समस्या बढ़ रही है, लेकिन खुले में ही आग लगा देने से न केवल प्रदूषण फैल रहा है बल्कि कसैले धुएं से मुश्किल भी बढ़ रही है। आहोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को ऐसा ही हुआ।
राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद अस्पताल परिसर में पड़े बायो वेस्ट का ताबड़तोड निस्तारण करने की योजना बनी तथा एक जगह एकत्र कर आग लगा दी। सही तरीके से निस्तारण नहीं होने से कसैला धुआं फैल गया तथा आसपास रहने वाले लोगों ने भारी परेशानी झेली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण प्रभारी अधिकारी डॉ वीरेंद्र हेमतानी, डॉ घनश्याम त्रिपाठी की देखरेख में किया गया। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को 'सरकारी व निजी अस्पताल खुले में डाल रहे मेडिकल वेस्ट, संक्रमण का खतराÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। मामला उजागर होने पर आहोर सीएचसी में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बायोवेस्ट जला दिया गया।
फिर भी दे रहे निर्देश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है। सीएमएचओ ने इस सम्बंध में सभी बीसीएमओ और चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं, लेकिन निस्तारण करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट का अभाव ही है।
परेशानी झेलते है अस्थमा पीडि़त
हालांकि संक्रामक वस्तुओं को एक जगह एकत्र कर हाइपो क्लोराइड सोल्यूशन डालकर जलाया जा सकता है, लेकिन इसमें भी पूरी सावचेती बरतनी पड़ती है। बायो वेस्ट खुले में जलाने से धुआं सबसे ज्यादा समस्या बढ़ाता है। धुएं की चपेट में आने वाले अस्थमा पीडि़त लोग भारी परेशानी झेलते हैं। ऐसे में वेस्ट का निस्तारण सही तरीके से करना आवश्यक माना गया है
प्लांट नहीं है...
संक्रामक व असंक्रामक वेस्ट के लिए अलग अलग रंग के बकेट चिकित्सा संस्थानों में रखने के निर्देश दे रखे है। जिले में सीटी प्लांट नहीं है। सही तरीके से निस्तारण करन के भी निर्देश दिए हुए हैं।
- डॉ. बीएल बिश्नोई,सीएमएचओ, जालोर
Published on:
09 Jan 2019 06:04 pm
बड़ी खबरें
View Allजालोर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
