बागोड़ा क्षेत्र के कोरी गांव में बोरवेल में गिरी बच्ची की मौत हो जाने के बाद उसके शव को निकालने के लिए प्रशासन के कोई इंतजाम काम नहीं आए, बल्कि ग्रामीणों ने ही अपने स्तर पर 9 घंटे के बाद सोमवार सवेरे 4.15 बजे बच्ची का शव निकाला। इधर, रात में घटना की सूचना के बाद पाली से एनडीआरएफ की टीम, जिला कलक्टर अनिल गुप्ता, एसपी जालोर कल्याणमल मीणा, एडीएम आशाराम डूडी, पूर्व विधायक भीनमाल समरजीतसिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शव अधिक गहराई पर होने से एनडीआरएफ की टीम की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका। इधर, इस स्थिति में मेड़ा गांव के ट्यूबवैल के काम करने वाले मादाराम सुथार को बुलाया, जो बोरवेल से मोटरें निकालने का काम करता है। एक तरफ जहां प्रशासन शव को निकालने में असफल रहा, वहीं मादाराम ने चिमटा नुमा जुगाड़ से लोहे के तार से बोरवेल में उतार कर शव को तीन बार के प्रयास के बाद निकाल दिया।