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जरुरतमंद विद्यार्थियों के लिए बनेेंगी सामुदायिक पुस्तक-शाला

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जरुरतमंद विद्यार्थियों के लिए बनेेंगी सामुदायिक पुस्तक-शाला

जरुरतमंद विद्यार्थियों के लिए बनेेंगी सामुदायिक पुस्तक-शाला

जालोर. सरकारी कॉलेज में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब सभी राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तक-दान अभियान द्वारा सामुदायिक पुस्तक-शाला स्थापित करवाई जा रही हैं। जिनका संचालन महाविद्यालयों में कार्यरत टीचर्स की एक समिति बनवाकर किया जाएगा। इस समिति में 5 से 15 तक विद्यार्थियों को भी सह-सदस्य बनाया जायेगा। सामुदायिक पुस्तक-शाला की विशेषता यह होगी कि इसमें पुस्तकों का लेन देन टीचर्स की निगरानी में विद्यार्थियों द्वारा ही किया जाएगा। विभाग द्वारा इस योजना के संचालन हेतु गठित समिति के सदस्यों को पुस्तकों की आवक जावक की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिये प्रशिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए है। यह व्यवस्था महाविद्यालयों में संचालित लाइब्रेरी सुविधा से अलग रहेगी। इसका मुख्या उद्देश्य विद्यार्थियों की जरुरत की पुस्तकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के साथ साथ एक पारदर्शी व्यवस्था स्थपति करवाते हुए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना है। राजकीय महाविद्यालयों में से कुछ में उनके स्तर पर किसी विषय विषेश में इस प्रकार की लाइब्रेरी सुविधा पहले से है।लेकिन उसे टीचर्स द्वारा संचालित किया जाता है, जबकि इस पुस्तक-दान अभियान के माध्यम से स्थापित करवाई जा रही इस पुस्तक-शाला में विद्यार्थी ही इसे संचालित करेंगे। इसमें प्रबंधन समिति में नामित विद्यार्थी का कार्यकाल अधिकतम 2 वर्ष के लिए रहेगा। इस पुस्तक-शाला की स्थापना के लिये वांछित पुस्तकों को 'डोनेट ए बुकÓ कैम्पेन के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। इसमें कॉलेज के टीचर्स, पास-आउट स्टूडैण्ट्स तथा आम नागरिक पुस्तकें दान कर सकते हैं। इसमें दान की जाने वाली पुस्तकें नियमित पढाई से संबंधित ही वांछित हैं,ताकि जरुरतमंद हर बच्चे को पुस्तक उपलब्ध करवाई जा सकें। कोर्स सै संबंधित पुस्तकें 3 वर्ष से अधिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें 2 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपयोगिता रहे।
पुस्तक शाला के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध करवाने में भी प्राथमिकता निर्देशित की गई है। इसमें प्रथमत बी.पी.एल. एवं आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को, इसके बाद महाविद्यालय में नियमित रुप से आने वाले विद्यार्थियों को तथा फिर पिछली परीक्षा (बोर्ड/विश्वविद्यालय) में उच्च श्रेणी प्राप्त मेरिटोरियस विद्यार्थियों को प्राथमिकता में रखा गया है। इसके उपरान्त यदि पुस्तके उपलब्ध होगी तो सभी अन्य विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा सकेगी। कार्यक्रम के संबंध में आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा जयपुर की ओर से सभी सरकारी कॉलेजेज को निर्देश पत्र जारी किया गया है। जिसमें इस विद्यार्थी हित केन्द्रित अभियान को सफल बनाने को कहा गया है।