
राजस्थान में आकर बसे हिन्दू शरणार्थियों के बच्चों को अब राज्य सरकार की ओर से पूर्व मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। हिन्दू शरणार्थियों के राजकीय विद्यालयों व मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति देय होगी।
राज्य सरकार के संकल्प पत्र में हिन्दू शरणार्थियों की संतानों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा को साकार करने के लिए अब यह योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत राजकीय और निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाली हिन्दू शरणार्थियों की संतान को यह छात्रवृत्ति देय होगी।
इसमें कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति व ग्यारहवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देय होगी। छह से दस तक के विद्यार्थियों को चार हजार रुपए वार्षिक और कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों को पांच हजार रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।
यह छात्रवृत्ति हिन्दू शरणार्थी परिवारों के ऐसे बच्चों को दी जाएगी, जो किसी राजकीय या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में नियमित अध्ययनरत है। वहीं पूर्व में किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। वहीं विद्यार्थी के अभिभावक के पास भारत सरकार का शरण प्रमाण पत्र (शरणार्थी शिनाख्ती कार्ड) होना जरूरी है। वहीं इस छात्रवृत्ति योजना के लिए आय या जाति प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं रहेगी।
सरकार की ओर से हिन्दू शरणार्थियों की संतानों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए शाला दर्पण पोर्टल पर हिन्दू शरणार्थी का टैब इन्सर्ट होगा। इसी पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूर्ण होगी। इसके लिए सभी सीबीईओ व संस्था प्रधानों को प्रचार-प्रसार व प्रक्रिया पूर्ण करने को लेकर निर्देश जारी किए गए है।
Updated on:
21 Dec 2024 03:11 pm
Published on:
21 Dec 2024 03:11 pm
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