
भीनमाल के 1900 उपभोक्ताओं को राहत, बकाया बिल के 42 लाख रुपए होंगे जमा
जालोर. भीनमाल में ई-मित्र संचालक की ओर से बिजली बिल की गबन की गई राशि को अब उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन के डिस्कॉम खाते में जमा करवा गया है। जिससे अब पीडि़त उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बकाया राशि शामिल होकर नहीं आएगी।
दरअसल, भीनमाल में डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय परिसर में सेवा प्रदाता कम्पनी सीएमएस के माध्यम से ई-मित्र का संचालित किया जा रहा था। जहां उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा होते थे। यहां ई-मित्र कियोस्क धारक हितेश दवे ने उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर फर्जी स्टाम्प लगाकर उनसे बिजली बिलों की राशि तो वसूल कर ली, लेकिन डिस्कॉम के खाते में जमा नहीं करवाई। जब उपभोक्ताओं के आगामी बिल में यह राशि जुड़कर आई तो उन्हें गबन का पता चला। इस पर लोगों ने प्रदर्शन किया व जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। जिस पर जिला कलक्टर ने जांच कमेटी बनाकर जांच करवाई। इस प्रकरण में डिस्कॉम की ओर से भी जांच करवाई गई। ई मित्र संचालक की ओर से किए गए गबन की आडिट प्रक्रियाधीन होने से जिला कलक्टर महेन्द्र सोनी ने इस प्रकरण को राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को अवगत करवाया। जिस पर भीनमाल डिस्कॉम परिसर में संचालित ई-मित्र कियोस्क के मुख्य सेवा प्रदाता सीएमएस कम्प्यूट्र्स अक्टूबर 2019 एवं नवम्बर 2019 के कमीशन से कटौती कर 42 लाख 76 हजार 553 रुपए की राशि डिस्कॉम के बैंक खाते में जमा करवाई गई। यह राशि बिजली बिल की गबन राशि से प्रभावित करीब 1900 से अधिक उपभोक्ताओं के बकाया बिल के भुगतान के लिए उनके बिलों की बकाया राशि में समायोजित की जाएगी। जिससे लम्बे समय से परेशान हो रहे डिस्कॉम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
इनका कहना
राजकॉम्प के प्रबंध निदेशक से भीनमाल डिस्कॉम में ई-मित्र कियोस्क संचालक की ओर से गबन की गई राशि की वसूली के लिए लगातार वार्ता की गई। जिस पर उन्होंने प्रभावित हुए डिस्कॉम उपभोक्ताओं के हित में 42 लाख 76 हजार 553 रुपए की राशि डिस्कॉम के बैंक खाते में जमा करवाई गई। जहां से यह राशि प्रभावित उपभोक्ताओं के बकाया बिलों में समायोजित की जाएगी।
-महेन्द्र सोनी, जिला कलक्टर
Published on:
25 Jan 2020, 12:07 PM IST
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