
Fire Broke Out In A Tea Hotel: सांचौर कस्बे में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार देर रात तापड़िया मार्केट स्थित एक चाय की होटल में अचानक आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग इतनी भीषण थी कि होटल में रखी गैस टंकी में विस्फोट हो गया। जिससे पूरा इलाका दहल उठा। बीते 15 दिनों में आगजनी की तीसरी बड़ी घटना है। जिससे नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात लगभग 12.15 बजे लालाराम जाट की चाय की होटल में अचानक तेज लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी होटल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही नगर पालिका के सफाई निरीक्षक विजय कुमार पुरोहित दमकल वाहन लेकर मौके पर पहुंचे। उनकी टीम ने जोखिम उठाकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, परंतु होटल का पूरा सामान जलकर खाक हो गया।
आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के बाद लोग पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। होटल के आस-पास दर्जनों दुकानें थीं, जिनमें आग फैलने का खतरा बना हुआ था। यदि दमकल समय पर नहीं पहुंचती, तो तापड़िया मार्केट की 20 से अधिक दुकानें इसकी चपेट में आ सकती थीं।
इन सभी मामलों में शॉर्ट सर्किट को कारण बताकर प्रशासन ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। न तो कोई तकनीकी जांच हुई, न ही सुरक्षा ऑडिट।
26 मई 2025: हाडेचा रोड पर किराना दुकान में आग, लाखों का नुकसान।
14 मई 2025: न्यू बस स्टेशन रोड पर धमाके के साथ आग, दुकान का शटर 60 फीट दूर जा गिरा।
जून 2022: पीडब्ल्यूडी रोड पर कॉस्मेटिक गोदाम में धमाका, एक युवक की मौत।
फरवरी 2023: तापड़िया बाजार में प्लास्टिक गोदाम में आग, भारी नुकसान।
अप्रेल 2023: मेहता मार्केट में सैलून में आगजनी।
अगस्त 2023: प्लाइवुड गोदाम में आग, बड़ा नुकसान।
अप्रैल 2024: ज्वेलर्स की दुकान में धमाके के साथ आग, लाखों का नुकसान हो गया।
शहर में बार बार होने वाली आगजनी को लेकर न तो नगरपरिषद नियमों की पालना करवा रही है और ना ही ही कोई ठोस इंतजाम। ऐसे में व्यापारियों के साथ साथ आमजन भी आगजनी की घटनाओं से भयभीत हैं। नगर परिषद और प्रशासन की उदासीनता ने शहर को जोखिम में डाल दिया है। लोगों का कहना कि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आग से सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं हो रहा। ना अग्निशमन यंत्र और ना ही फायर अलार्म और ना ही बिजली की समय-समय पर जांच की जा रही है। ऐसे में आगजनी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
● प्रत्येक दुकान में अग्निशमन यंत्र और फायर अलार्म अनिवार्य की जाए।
● नगर परिषद फायर ऑडिट अभियान चलाकर सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करें।
● दोषियों पर सत कार्रवाई हो।
● बिजली फिटिंग और उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
Published on:
30 May 2025 10:10 am
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