
- किसानों की राशि डकारने का आरोप, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई, अभी भी जमा है पद पर
जालोर/ सायला
चौराऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति में कार्यरत व्यवस्थापक के सामने जिला प्रशासन बौना साबित हो रहा है। जामताराम नाम के इस व्यवस्थापक को हटाने के आदेश प्रशासन ने जरुर जारी किए, लेकिन वह इन हादसों को नहीं मान रहा और आदेश जारी होने के बाद भी 28 जुलाई से ही सीट पर कुंडली मार कर बैठा है। जबकि इस पर सोसायटी में बड़े स्तर पर गड़बडिय़ा कर राशि हड़पने का आरोप है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने सहकारी समिति के समक्ष ही धरना प्रदर्शन किया और गड़बड़ी के आरोप के बाद भी कार्य कर रहे व्यवस्थापक जामताराम को हटाने की मांग की। किसानों का कहना है कि गड़बड़ी को लेकर प्रधान कार्यालय के ईओ मोहम्मद हारून को ज्ञापन 17 जुलाई को दिया गया था, जिसमें किसानो को समस्या समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन हालात जस के तस है। आरोप है कि सहकारी समिति के कार्यरत व्यवस्थापक जामताराम मेघवाल ने संचालक मण्डल के चहेतों की ऋण माफी करवाकर शेष करीब तीन सौ किसानों को ऋण माफी से वंचित रखा। वही किसानों के खाते से 31 जुलाई 2016 को बीमा के लिए किश्त काटी गई हैं और 4 सितम्बर 2017 को बीमा क्लेम की राशि आई थी। लेकिन कई किसानों के खाते से बीमा क्लेम की राशि व्यवस्थापक द्वारा हड़प ली गई हैं। जिस पर बीमा क्लेम की सूची उपलब्ध करवाने एवं बीमा क्लेम की जांच करवाने की मांग की हैं। किसानों का कहना है कि गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद व्यवस्थापक जामताराम मेघवाल को निलम्बित किया गया था और तुरन्त प्रभाव से समिति का चार्ज सहायक व्यवस्थापक को देने का आदेश किया गया था। इसके बावजूद व्यवस्थापक मेघवाल द्वारा सहायक व्यवस्थापक को चार्ज नाम मात्र का दिया गया। सभी दस्तावेज व किसानोंं कि डायरियां व चेक बुक सब जामताराम मेघवाल के पास पड़ी होने के चलते सहकारी समिति में कार्य बाधित पड़ा हुआ है। डेढ़ माह बीत गए, लेकिन सहकारी समिति का कार्य बाधित पड़ा है। धरने के दौरान पदम सिंह, अमर सिंह, खेताराम मेघवाल, सांवलाराम, मदन सिंह, चारलूराम, लुकराम देवासी, शैतान सिंह, हिमसिंह, फूसाराम समेत कई किसान मौजूद रहे।
डेटा में भी सेंधमारी का आरोप
आरोप है कि चौराऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति में किसानो के ऑन लाईन डेटा डिलीट किए गए। ऑन लाइन से करीब 75 किसानों के डेटा डिलीट किए गए। अभी भी कई किसानो की बैंक बुक व चेक बुक जामताराम मेघवाल के पास पड़ी है, लेकिन उन्हें पुन: प्राप्त नहीं हो रही है।
इनका कहना है
28 जुलाई के आदेश के बावजूद मुझे चार्ज नहीं सौंपा गया है। जामताराम की हठधर्मिता के चलते ऐसे हालात बन रहे हैं। प्रशासन भी जानबूझकर इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे परेशानी हो रही है।
- ललित कुमार, सहायक व्यवस्थापक, चौराऊ समिति
Published on:
10 Aug 2019 10:24 am
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