
जालोर. भोजन का जायका बढ़ाने वाला प्याज अभी थाली से गायब हो चुका है। पिछले दो माह से प्याज के भाव लगातार उछाल मा रहे हैं। हालत यह है कि अब थोक भाव ही प्याज के 45 से 5० रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में फुटकर भाग 6 ० से 7० रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए है। यही हालत टमाटरों की है।
टमाटर के थोक भाव भी 35 से 4० के बीच चल रहे है और फुटकर भाव 55 से 6 5 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। सब्जी विक्रेताओं की मानें तो पिछले साल प्याज और टमाटरों समेत अन्य सब्जियों की बुवाई में देरी के चलते ये हालात बने हैं।वहीं अभी शादियों की सीजन के चलते भी सब्जियों के भाव बढ़े हैं।
प्याज, टमाटर पर असर
अभी सूखे प्याज और टमाटर पर असर अधिक है और ये महंगे है। सूखे प्याज जालोर में मुख्य रूप से मथानिया से पहुंचते हैं, लेकिन इस बार मथानिया से आवक कम है। जिसके कारण नासिक से भी प्याज पहुंच रहे हैं। आवक कम होने से भाव बढ़ गए हैं। दूसरी तरफ जिले में अधिक बारिश के चलते जालोर जिले के बडग़ांव और रानीवाड़ा क्षेत्र में टमाटर की सब्जियां प्रभावित हुई।
पिछले साल से दुगुने
सब्जी के थोक विक्रेताओं की मानें तो सभी सब्जियों के भाव इसी समय से तुलना करें तो दुगुने हैं। सब्जी विक्रेताअेां का कहना है कि एक तो शादी की सीजन और दूसरी तरफ जिले में बाढ़ के चलते सब्जी की बुवाई काफी ज्यादा प्रभावित हुई, जिससे जालोर जिले की लोकल सब्जियां नहीं पहुंच रही है। दूसरी तरफ जिले से बाहर से भी आवक कम है।
इनका कहना
शादियों की सीजन के चलते सब्जियों की मांग बढ़ी है। ऐसे में आवक कम है और नासिक से प्याज और टमाटर पहुंच रहे हैं, जिससे इस बार पिछले साल की तुलना में इसी समय सब्जियों के भाव दोगुने हैं।
- जगदीश माली, सब्जी थोक विक्रेता
Updated on:
1 Dec 2017, 11:10 AM IST
Published on:
1 Dec 2017, 11:09 AM IST
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