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रणखार कंजर्वेशन रिजर्व एरिया तक पहुंची जयपुर से टीम, भविष्य में देशभर में पहचान हासिल करेगा यह क्षेत्र

- इसी क्षेत्र में वेटलैंड, बर्ड सेंचुरी की कवायद भी होगी वन क्षेत्र के जीव ज्यादा सुरक्षित होंगे

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- इसी क्षेत्र में वेटलैंड, बर्ड सेंचुरी की कवायद भी होगी वन क्षेत्र के जीव ज्यादा सुरक्षित होंगे

- इसी क्षेत्र में वेटलैंड, बर्ड सेंचुरी की कवायद भी होगी वन क्षेत्र के जीव ज्यादा सुरक्षित होंगे

जालोर/ वेडिय़ा. जालोर जिले के रणखार क्षेत्र में कंजर्वेशन रिजर्व एरिया घोषित होने के बाद जयपुर मुख्यालय के आला अधिकारी स्थिति के आंकलन के लिए शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद जिले के रणखार क्षेत्र में पहुंचे और क्षेत्र का विजिट कर संतोष व्यक्त किया।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (पीसीसीएफ) तोमर ने कहा कि इस पूरे क्षेत्र की स्थिति महत्वपूर्ण है। यहां प्रवासी पक्षियों में फ्लेमिंगो समेत अन्य पक्षी भी पहुंचते हैं। वहीं झाखरड़ा में सफेद चिंकारा व कृष्ण मृग बड़ी संख्या में है। ये स्थिति कंजर्वेशन रिजर्व एरिया के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी और यहां वन्यजीव, प्रवासी पक्षी भी प्रजनन करने के साथ उन्मुक्त विचरण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि झाखरड़ा वन क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए प्राकृतिक रेस्क्यू सेंटर, प्रवासी पक्षियों के लिए पक्षी विहार बनाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जालोर से उप वन संरक्षक यादवेंद्रसिंह चूंडावत, बाड़मेर डीएफओ संजय प्रकाश, रानीवाड़ा रेंजर श्रीराम विशनोई, धोरीमन्ना रेंजर नरसीगाराम गौड़, भंवरलाल भादू मौजूद रहे।

होंगे महत्वपूर्ण कार्य
पीसीसीएफ ने कहा कि वन क्षेत्र में चारदीवारी और तालाबों का निर्माण करवाया जाएगा, ताकि वन्य जीवों ओर प्रवासी पक्षियों को पानी उपलब्ध हों सकें। उन्होंने कहा कि रणखार व झाखरड़ा वन्य जीवों व प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित क्षेत्र मुहैया करवाने के लिए वेटलैंड क्षेत्र विकसित हो सकता है।

अधिक संख्या में जंगली गधे
राजस्थान क्षेत्र के कच्छ के रण में पाए जाने वाले जंगली गधे आकोडिय़ा रणकार क्षेत्र में काफी संख्या में पाए जाते हैं। गुजराती जंगली गधों को अब राजस्थान का आशियाना मिल रहा है। जंगली ***** मूल रूप से लवणीय क्षेत्र में पाए जाते हैं। अब आकोडिय़ा के रणखार क्षेत्र में अपना ठिकाना बना रहे हैं। रणखार में कंजर्वेशन रिजर्व एरिया घोषित होने से कैटेगरी-प्रथम का यह जंगली गघा भी यहां संरक्षण पाएगा और सुरक्षित माहौल में प्रजनन कर सकेगा।

अपे्रल में घोषित हुआ रिजर्व एरिया
जालोर जिले का रणखार क्षेत्र 25 अपे्रल 2022 को कंजर्वेशन रिजर्व एरिया घोषित हुआ है। यह राज्य का 15वां कंजर्वेशन रिजर्व एरिया है। गौरतलब है कि महत्वपूर्ण पहल को लेकर राजस्थान पत्रिका ने सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए थे और इसी कड़ी में सरकार ने महत्वपूर्ण सकारात्मक पहल की।

इनका कहना
यह महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां तक प्रवासी पक्षियों में साइबेरियन सारस, फ्लेमिंगो समेत अन्य पक्षी पहुंचते हैं। इसके अलावा अन्य वन्य जीवों की भी भरमार है। इसी क्षेत्र में वैटलैंड और ग्रास लैंड विकास की भी प्रबल संभावनाएं है।
- अरिंदम तोमर, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, जयपुर