
जालोर. आपदा से जूझ रहे जिले को भले ही राहत के कईसरकारी वादे किए गए हैं, लेकिन जालोर जिला मुख्यालय से निकलते ही टोल चुकाना जनता की मजबूरी बना हुआ है। रास्ते ठीक करने में टोल कम्पनी ने अभी तक रुचि नहीं दिखाई है, लेकिन जैसे ही सांकरणा पुलिया पीडब्ल्यूडी ने ठीक करवाया। आवागमन शुरू होते ही इस पर नकद वसूली में इसके कार्मिक जुट गए हैं। जालोर जिले में चार जगह टोल वसूला जा रहा है।खास बात यह है कि बारिश से पूर्व भी सड़कों की हालत खस्ता थी और अब तो अधिकतर स्थानों पर टोल रोड और इसके अंतर्गत पुल तक बिखर चुके हैं, लेकिन सरकारी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते इन नाकों पर धड़ल्ले से वसूली की जा रही है।
पांच दिन बाद निकला वह भी टोल चुकाकर
जालोर में पांच दिन से फंसे जयपुर की एक निजी कंपनी के एक्जीक्युटिव बाबूलाल ने पत्रिका को फोन करके बताया कि पास में पैसे ही बहुत थोड़े बचे थे। ऐसे में भयंकर आपदा के बीच आवश्यक जरूरतों के साधन के लिए जूझ रही जनता से इस तरह टोल वसूली समझ नहीं आई।
विभाग कर रहा मॉनिटरिंग
पूरे मामले की पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मॉनिटरिंग कर रहा है। क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलों के बावजूद टोल वसूली के मामले में अधिकारी ने कहा कि नियमानुसार यह ठीक नहीं है। उन्हें भी इस मामले में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि सांकरना पुल का निर्माण पीडब्यूडी ने ही करवाया था, टोल कंपनी ने तो केवल इस पर कारपेट बिछाया था। फिलहाल इस कार्य को टोल कंपनीके सहयोग से बहाल कर दिया गया है। वहीं आकोली नदी के पुल के एक हिस्सा टोल कंपनी के अंतर्गत है और इस क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत भी उसे ही करवानी है। जब अधिकारी से क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलों के बावजूद कंपनी की ओर से टोल वसूली के बारे में प्रश्न किया गया तेा उन्होंने भी इसे गलत बताते हुए आवश्यक कार्रवाई की बात कही।
टोल कंपनी ही करवागी निर्माण
पीडब्ल्यूडी एसई ने कहा कि उन्होंने जवाई पुल के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया, उन्होंने बताया है कि पुल का स्थायी निर्माण टोल कंपनी को ही करवाना होगा।
इनका कहना है...
टोल रोड पर राशि वसूल की जाती है। वाहन चालक यह राशि इसलिए देता है कि मार्ग ठीक होने पर सफर में आसानी होती है, लेकिन अभी मार्गों से हालात खराब है, लेकिन वसूली जारी है।
- शुभकरण चारण, परिचालक
बाढ़ के हालातों के बाद सड़क और पुलों की हालत खराब है। रास्ता शुरूहोते ही टोल नाकों पर मनमर्जी से वसूली शुरू हो चुकी है। मार्ग ही खराब है तो जनता किस बात का टोल चुकता करेगी।
- पूरणसिंह, वाहन चालक
टूटी सड़कों और पुलिए पर इस तरह टोल वसूली गलत है। मैं इस संबंध में अधिकारियों से बात करूंगा ताकि जनता को इस घड़ी में दिक्कत नहीं हो।
- रविन्द्रसिंह बालावत, भाजपा जिलाध्यक्ष, जालोर
उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है।पहले स्तर पर क्षतिग्रस्त हुए जवाई पुल का निर्माण भी टोल कंपनी को ही करवाना है। पुल और मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद टोल पर वसूली के बारे में जानकारी मिली है। इस मामले में रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी और आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- एनके माथुर, एसई, पीडब्ल्यूडी, जालोर
Published on:
2 Aug 2017, 11:05 AM IST
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