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Divyangjan Rojgar: प्रदेशभर में दिव्यांगजन रोजगार अभियान शुरू, 8 दिन तक मिलेंगे नौकरी, जानिए क्या हैं खास

Divyangjan Rojgar Abhiyan: उत्तर प्रदेश में 6 से 13 फरवरी तक “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत दिव्यांगजनों को नौकरी के साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेशभर में शिविर लगाकर प्रशिक्षित और इच्छुक दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 06, 2026

6 से 13 फरवरी तक चलेगा “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” - सेवायोजन और स्वरोजगार पर योगी सरकार का डबल फोकस (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

6 से 13 फरवरी तक चलेगा “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” - सेवायोजन और स्वरोजगार पर योगी सरकार का डबल फोकस (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Divyangjan Rojgar Abhiyan 2.0’ from 6-13 Feb: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में 06 से 13 फरवरी 2026 तक एक सप्ताह का विशेष राज्यव्यापी अभियान “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को न केवल रोजगार से जोड़ना है, बल्कि उन्हें स्व-रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन करते हुए समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ सकें। यह अभियान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ संचालित होगा। इसे दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

तीन वर्षों में प्रशिक्षित दिव्यांगजनों को प्राथमिकता

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत उन दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने बीते तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन या राजकीय आईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

ऐसे प्रशिक्षित और इच्छुक दिव्यांगजन, जो वर्तमान में जनपदों में उपलब्ध हैं, उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, जनपद स्तर पर रहने वाले अन्य इच्छुक दिव्यांगजन भी इस अभियान में पंजीकरण कर लाभ ले सकेंगे। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक अवसर पहुंचाना है, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार का वास्तविक लाभ मिल सके।

औद्योगिक इकाइयों में सेवायोजन पर विशेष जोर

अभियान के दौरान जनपदों में संचालित औद्योगिक इकाइयों, निजी अधिष्ठानों और विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष दिव्यांगजनों का सेवायोजन (प्लेसमेंट) कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन, उद्योग विभाग और कौशल विकास मिशन के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।

इसके साथ ही एमएसएमई विभाग, जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र और अन्य संबंधित विभागों की स्व-रोजगार योजनाओं से भी दिव्यांगजनों को जोड़ा जाएगा। इसमें स्वरोजगार ऋण योजनाएं, उद्यम स्थापना, लघु उद्योग, स्वरोजगार प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे। सरकार चाहती है कि जो दिव्यांगजन नौकरी करने की बजाय स्वयं का कार्य शुरू करना चाहते हैं, उन्हें भी पर्याप्त मार्गदर्शन और संसाधन मिलें।

जनपद स्तर पर समिति करेगी संचालन

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि हर जनपद में इस अभियान का संचालन मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। इस समिति में शामिल होंगे:

जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र के प्रतिनिधि

  • जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
  • जिला रोजगार सहायता अधिकारी
  • उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक

निर्धारित अवधि के दौरान राजकीय आईटीआई को केंद्र बनाकर सेवायोजन शिविर, परामर्श सत्र, दस्तावेज सत्यापन, पंजीकरण और स्व-रोजगार मार्गदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

रोजगार संगम पोर्टल से भी मिलेगा अवसर

इस अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत इच्छुक दिव्यांगजनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। जिला रोजगार सहायता अधिकारी के माध्यम से ऐसे पंजीकृत अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार नियोजित कराया जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि जनपद स्तर पर इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए,ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों, प्रशिक्षण संस्थानों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

स्व-रोजगार: आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का विशेष जोर इस बार स्व-रोजगार पर भी है। जिन दिव्यांगजनों के पास कौशल है लेकिन वे नौकरी की बजाय अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत बैंक लोन, सब्सिडी, उपकरण सहायता, उद्यम स्थापना मार्गदर्शन और विपणन सहायता जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं उद्यमी बनकर अन्य लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ें।

टॉप–5 जनपदों को मिलेगा सम्मान

अभियान के सफल क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन व्यवस्था भी की गई है। जो जनपद सर्वाधिक संख्या में दिव्यांगजनों को सेवायोजन और स्व-रोजगार से जोड़ेंगे, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के शीर्ष 05 जनपदों के जिलाधिकारियों एवं उनकी टीम को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए 13 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे तक सभी जनपदों से सेवायोजित दिव्यांगजनों की संख्या, नियुक्ति पत्रों की प्रतियां तथा स्व-रोजगार से जुड़े प्रमाण मांगे जाएंगे।