16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यह बीमारी इतनी खतरनाक की सबकुछ बर्बाद, अब पाली में इसके लिए 7 को शिविर

- दुर्लभ बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के मरीजों का नि:शुल्क आनुवंशिक परीक्षण 7 अप्रैल को, पाली, जालोर, सिरोही के मरीज़ 4 अप्रैल तक पंजीयन करवा सकते है।

2 min read
Google source verification
 - दुर्लभ बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के मरीजों का नि:शुल्क आनुवंशिक परीक्षण 7 अप्रैल को, पाली, जालोर, सिरोही के मरीज़ 4 अप्रैल तक पंजीयन करवा सकते है।

- दुर्लभ बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के मरीजों का नि:शुल्क आनुवंशिक परीक्षण 7 अप्रैल को, पाली, जालोर, सिरोही के मरीज़ 4 अप्रैल तक पंजीयन करवा सकते है।


जालोर. स्वावलम्बन फ़ाउंडेशन के तत्वधान में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् के जिनोमिकी और समवेत जीव विज्ञान संस्थान भारत सरकार के सहयोग से मैप माई मुस्कूलर डिस्ट्रोफ़ी जीन प्रोजेक्ट के अंतर्गत दुर्लभ बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के विभिन्न प्रकारों के मरीज़ों के लिए निशुल्क जाँच हेतु पाली में 7 अप्रैल को शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में डॉक्टर प्रियांशु माथुर जेके लोन अस्पताल, जयपुर एवं डॉ. मोहम्मद फारूक सीएसआइआर सहित कई अन्य विशेषज्ञ अपनी सेवाए देंगे।

जेनेटिक डिसॉर्डर क्या होते है
एक नवजात बच्चा जब पैदा होता है तो उसमें दो तरह के जींस पाए जाते हैं एक मां से और एक पिता से। दोनों जींस मिलकर बच्चे के नैन नक्श और व्यक्तित्व तय करते हैं। व्यक्तित्व के साथ कुछ बच्चों को जन्म के साथ आनुवंशिक रोग भी मिलते हैं।

दुर्लभ बीमारियों के लिए किसे परीक्षण करवाना चाहिए?
आनुवंशिक विकार जन्म के समय या बाद में उपस्थित हो सकते हैं। वे एक अंग या एकाधिक अंग प्रणालियों को प्रभावित कर सकते हैं। आमतौर पर आनुवंशिक परीक्षण निम्नलिखित मरीज़ करवा सकते है।

- अस्पष्टीकृत बीमारी की विशिष्ट प्रस्तुति वाला कोई व्यक्ति
- एक ही परिवार में कई प्रभावित सदस्य
- बीमारी की शुरूआत की प्रारंभिक उम्र दौरे के साथ नवजात शिशु
- वैवाहिक विवाह जोड़े जिनके परिवारों में ऐसे मरीज़ हैं


डॉ. वैभव भंडारी ने बताया कि राजस्थान में किसी भी सरकारी अस्पताल में यह जांच नहीं होती है। इस एक टेस्ट का मूल्य 15 से 20 हज़ार होता है। अधिक मूल्य एवं सरकारी स्तर पर नही होने के कारण मरीज़ जाँच तक नही करवा पाते है। अधिकांश मरीज़ कभी यह भी नहीं जान पाते की वह किस बीमारी से पीडि़त हैं। फ़ाउंडेशन द्वारा इस संबंध में ऑनलाइन पंजीकरण किए गये थे। जिसमें फ़ाउंडेशन द्वारा मरीज़ों के रहने एवं खाने की व्यवस्था की जा रही है। पाली, जालोर, सिरोही के मरीज़ 4 अप्रैल तक पंजीयन के लिए सम्पर्क 7230002627 कर सकते है।

ये तैयारी में जुटे
शिविर के आयोजन को लेकर मितेश मेहता, विनीत मेहता, मुकेश नाहर, परेश बाफऩा, वैभव सोनी, खुशहाल जैन, तन्मय जैन, अल्ताफ़ हूसेन, लिनेश जालोरी, अंकित मरलेचा, आशीष बलोटा, जयेश लोढ़ा, मोंटू डागा, दीपक परिहार, दीपक सोनी आदि सदस्य तेयरी में लगे हुए है।