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आहोर में यह अस्पताल इसलिए बंद, विभाग नहीं दे रहा ध्यान

- लाखों की लागत से बना नेत्र चिकित्सालय भवन पिछले कई सालों से पड़ा नाकारा

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- लाखों की लागत से बना नेत्र चिकित्सालय भवन पिछले कई सालों से पड़ा नाकारा

- लाखों की लागत से बना नेत्र चिकित्सालय भवन पिछले कई सालों से पड़ा नाकारा

आहोर. उपखंड मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सरकार की ओर से कई सालों पूर्व लाखों रुपए की लागत से अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सालय भवन का निर्माण तो किया गया, लेकिन सरकार द्वारा नेत्र चिकित्सालय में नेत्र चिकित्सक समेत स्टाफ की नियुक्ति नहीं किए जाने के कारण चिकित्सालय भवन जहां पिछले कई सालों से नाकारा पड़ा है। नेत्र चिकित्सक समेत स्टाफ के अभाव में पिछले कई सालों से नेत्र चिकित्सालय पर निर्माण के बाद से ताला जड़ा होने के कारण कस्बे समेत क्षेत्र के नेत्र रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेत्र रोगियों को अस्पताल होने के बावजूद चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। नेत्र रोगियों को अपने मर्ज के निदान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

कुछ महीनों पूर्व यहां हुई थी एक नेत्र सहायक की नियुक्ति

सरकार की ओर से लाखों की लागत से निर्मित नेत्र चिकित्सालय निर्माण के बाद से ही पिछले कई सालों से नेत्र चिकित्सक समेत स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने के कारण बंद ही पड़ा है। नेत्र चिकित्सालय में कुछ साल पूर्व विभाग की ओर से एक नेत्र सहायक की नियुक्ति की गई थी। कुछ माह तक वह यहां सेवारत रहने के बाद यहां से अन्यत्र स्थानान्तरित हो गई। नेत्र चिकित्सालय में पिछले लंबे समय से चिकित्सक समेत स्टाफ की दरकार है, लेकिन इस ओर जिम्मेदारों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।

ट्रस्ट ने उपलब्ध करवाई थी अत्याधुनिक मशीनें

नेत्र चिकित्सालय बनने के बाद नेत्र रोगियों के उपचार के लिए कुहाड़ चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से अस्पताल में कई अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई थी। जो स्टाफ की कमी के कारण लंबे समय तक बंद अस्पताल में धूल फांकती रही। ट्रस्ट की ओर से पूर्व में नेत्र चिकित्सालय में विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने के साथ नेत्र रोगियों की जांच व उपचार के लिए चिकित्साकर्मी की भी नियुक्ति की गई थी। यह सेवा कुछ महीनों तक जारी रहने के बाद ट्रस्ट की ओर से बंद कर दी गई तथा चिकित्सालय से अपनी मशीनें भी हटवा दी। जिसके चलते वर्तमान में चिकित्सालय मेें कोई कार्मिक नहीं है तथा चिकित्सालय बंद पड़ा है।

इनका कहना

अस्पताल परिसर में नेत्र चिकित्सालय भवन बना हुआ है। लेकिन यहां पिछले लंबे समय से नेत्र चिकित्सक समेत स्टाफ का अभाव बना हुआ है।

- डॉ. पूरणमल मुणोत, प्रभारी, सीएचसी आहोर