
- जालोर थाना क्षेत्र के शनिवार निंबलाना और रविवार को रटूजा में आत्महत्या के मामले में चिकित्सा प्रभारी का बेतुका जवाब, शव को लेकर घूमती रही पुलिस
जालोर. अक्सर हादसों के बाद गंभीर हालातों में घायलों को रेफर करने का चलन है, लेकिन मांडवला सीएचसी में चिकित्साकर्मियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण पिछले दो दिन में इस सीएचसी क्षेत्र से जुड़े हलकों में मौतों के बाद पुलिस को शव के पोस्टमार्टम के लिए उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर रेफर करना पड़ा। मामला चौंकाने वाला है, क्योंकि चिकित्सा प्रभारी ने पुलिस को लिखित में जवाब पेश किया है। मामले के अनुसार 14 जुलाई को एएसआई राजेश कुमार ने निंबलाना निवासी जगदीश पुत्र नारायणसिंह द्वारा आत्महत्या के बाद उसके पोस्टमार्टम के लिए उसे सीएचसी मांडवला लेकर पहुंचे और लिखित में चिकित्सा प्रभारी से पीएम के लिए प्रार्थना पत्र लिखा। लेकिन चिकित्सा प्रभारी ने इस मामले में असमर्थता जताई।
ये हैं हमारी चिकित्सा व्यवस्था के हाल
'मृतक जगदीश पुत्र नारायणसिंह का पोस्टमार्टम करने लिए सीएचसी मांडवला लाया गया था। सीएचसी मांडवला में चपरासी व पोस्टमार्टम करने का औजार व मोर्चरी नहीं होने से पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम के लिए चपरासी और औजार व्यवस्था करें या सीएचसी सायला में पोस्टमार्टम करवाने की कृपा करवाएंÓ इस पूरे मामले में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी और उसके बाद शव का सायला में पीएम करवाना पड़ा। इसी तरह के हालात रटूजा में युवक मुकेश द्वारा आत्महत्या करने पर भी बने। पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव को मांडवला लेकर पहुंची, लेकिन पोस्टमार्टम के लिए शव को रेफर करना पड़ा। सोमवार के माध्यम में पीएचसी उम्मेदाबाद में कम संसाधनों के बावजूद भी पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि स्टाफ ने स्वीपर नहीं होने की बात कही और पुलिस को इसकी व्यवस्था के लिए कहा, जिसके बाद पुलिस केशवना से स्वीपर को अस्पताल लेकर पहुंची।
Published on:
16 Jul 2019 11:44 am
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