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Electricity: आजादी के 75 साल बाद भी अंधेरे में डूबा है यह गांव

जालोर जिले के रानीवाड़ा से 8 किमी दूर ढाणी के लोगों का दर्द

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Electricity: आजादी के 75 साल बाद भी अंधेरे में डूबा है यह गांव

Electricity: आजादी के 75 साल बाद भी अंधेरे में डूबा है यह गांव

जालोर. आजादी को 75 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन आज भी देश में कुछ ऐसी जगह हैं जहां बिजली तक नहीं पहुंची है। राजस्थान व गुजरात के बॉर्डर के समीप रानीवाड़ा कस्बे से आठ किलोमीटर दूर जालेरा की ढाणी भी सालों से रोशनी का इंतजार कर रही है। इस ढाणी में करीब 200 लोग रहते हैं। बिजली नहीं होने के कारण इनको अपना दैनिक कार्य सूरज की रोशनी में दिन में ही पूरा करना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी रात में लालटेन की रोशनी में पढ़ना पड़ता है।

क्षेत्र में रहने वाले वाशिंदों का कहना है कि बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन काफी समय पूर्व किए गए हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत भी करवाया, लेकिन आज तक हालात जस के तस है। हालात इस कदर हैं कि अभी इस क्षेत्र में रोड लाइट तक नहीं है। जिसके चलते इन लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। गांव की किना का कहना है कि ढाणी में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से घर में जरूरी अन्य सामान भी नहीं रख सकते।


गर्मी और बारिश के मौसम में ज्यादा दिक्कत
गांव के जगदीश महाराज जोगी का कहना है कि वे 40 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी अपनों में बेगाना सा महसूस होता है। गर्मी और बारिश के मौसम में तो जहरीले जीव जंतुओं और कीटों से भी खतरा रहता है।
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इन्हें जानकारी ही नहीं
जालेरा के इस क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के संबंध में जानकारी ली जाएगी। जांच कर जल्द से जल्द कनेक्शन किए जाएंगे।
- अमित सेन, सहायक अभियंता, डिस्कॉम
बेटियों का भविष्य अंधकारमय
दिन में हम स्कूल जाते हैं। रात को पढ़ाई करने का बहुत मन करता है, लेकिन रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से अध्ययन संभव नहीं हो पाता।
- संगीता, छात्रा, जालेरा गांव की ढाणी