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धनतेरस से बीठन और बाकली बांध से किसानों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी

-बांकली बांध पर जल वितरण कमेटी की बैठक आयोजित, बांध क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए तीन पाण में दिया जाएगा पानी
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जालोर

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Khushal Singh Bhati

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Updated: 11 Oct 2017, 7:39 PM IST

jalore news


बांकली (आहोर). क्षेत्र के बांकली बांध से कमांड क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए पानी छोडऩे को लेकर जल वितरण कमेटी की बैठक बुधवार शाम बांकली बांध पर आयोजित की गई। जिसमें सिंचाई के लिए १७ अक्टूबर को धनतेरस से नहरों में पानी छोडऩे का निर्णय लिया गया। बांकली बांध पर विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित, जिला कलक्टर लक्ष्मीनारायण सोनी, पुलिस उप अधीक्षक डॉ.दुर्गसिंह राजपुरोहित, उपखंड अधिकारी प्रकाशचंद्र अग्रवाल, तहसीलदार पंकज कुमार जैन, विकास अधिकारी इन्द्रसिंह राजपुरोहित समेत जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों की उपस्थिति में जल वितरण कमेटी की बैठक आयोजित हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि बांध क्षेत्र के बांकली, सेलड़ी, घाणा, बरवा, भोरड़ा, बाला, रामा समेत गांवों में सिंचाई के लिए १७ अक्टूबर को धनतेरस से पानी छोड़ा जाएगा। तीन पाण में सिंचाई के लिए किसानों को लगातार पानी दिया जाएगा। विधायक राजपुरोहित ने बताया कि इससे क्षेत्र के विभिन्न गांवों के काश्तकार सिंचाई से लाभान्वित होंगे। उन्होंने पाण के दौरान पुलिस व कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके भाजपा मंडल अध्यक्ष लालाराम देवासी, बालूसिंह समेत कई जने मौजूद थे।
बैठक में निर्णय 17 को छोड़ा जाएगा बीठन से पानी
रामसीन.बीठन बांध जल वितरण समिति की बैठक बुधवार को आपेश्वर महादेव मंदिर में तहसीलदार भागीरथराम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कस्बे सहित बीठन, पुनककल्लां व रतपुरा गांव के बडी सं?या में किसानों ने भाग लिया। बैठक में रबी की सिंचाई के लिए बांध से पानी छोडऩे सहित अन्य व्यवस्थाओ को लेकर विचार विमर्श किया गया। इस मौके जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता शबीना बानो ने वर्तमान में बांध में १७.९० फीट पानी होने की जानकारी दी। इस मौके उन्होंने रबी की सिंचाई के दौरान पत्थर डालकर नहर का पानी रोकने, अवैध सिंचाई एवं अन्य तरीके से व्यवस्था बाधित करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में तहसीलदार भागीरथराम ने किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई के लिए पानी लेने की बात कहीं। बैठक में बाघसिंह पूनक ने क्षतिग्रस्त नहर की मर?मत व सफाई के लिए शीघ्र पूरी कराने की बात कहीं। इस मौके ओमप्रकाश अग्रवाल ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अवैध सिंचाई को रोकने की मांग की। बाबाराम घांची ने सिंचाई के दौरान टेल क्षेत्र में पानी नहीं आने की शिकायत की। इस पर अधिकारियों ने व्यवस्थित तरीके से सिंचाई के लिए पानी वितरण करने की बात कहीं। बैठक में नायब तहसीलदार कल्पेश जैन, कनिष्ठ अभियंता ऋतिष शर्मा, सरपंच जोगेश मीणा, उपसरपंच हंजारीमल जैन, सूर्यवीरसिंह, श्यामसुंदर अग्रवाल, जबरसिंह, गंगासिंह बीठन, वैलाराम चौधरी रतपुरा, मिस्त्री चैनाराम, भू अभिलेख निरीक्षक अर्जुनसिंह, पटवारी राजू जाणी व उतमसिंह सहित कई जने मौजूद थे।
इन फसलों की होगी बुवाई
बीठन बांध से सिंचाई को लेकर इस बार पर्याप्त पानी के चलते किसानो ने सर्वस?मति से रबी के रूप में गेहंू, जीरा, रायड़ा, ईसबगोल व तारामीरा की बुवाई का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि कुल १९.५० फीट भराव क्षमता वाले बीठन बांध में वर्तमान में १७.९० पानी शेष है। ऐसे में किसी भी फसल को चार पाण का पानी आराम से उपलब्ध हो सकेगा।
किया निरीक्षण
बैठक के बाद तहसीलदार भागीरथराम, सहायक अभियंता शबीना बानो व काश्तकारो ने नहर का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों को पीथापुरा मार्ग पर क्षतिग्रस्त नहर व पुनककल्लां प्याऊ के पास नहर में उगी कंटीली झाडिय़ा व अंदर जमा मिट्टी दिखाई। इस पर अधिकारियों ने नहर की सफाई व मर?मत की बात कहीं। किसानों ने नहर के मार्ग पर उगी झाडिय़ों से आवगमन में हो रही परेशानी भी बताई।
पानी छोडऩे का निर्णय
बांध से सिंचाई के लिए नहर में 17 अक्टूबर को पानी छोड़ा जाएगा। इसके लिए जल संसाधन विभाग ने किसानों को बुवाई के लिए अपने खेत तैयार करने के निर्देश दिए है। विभाग की ओर से नहर मेें लगे 28 आऊटलेट के अलावा टेल क्षेत्र में भी बराबर मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा।