जोधपुर. जेट स्ट्रीम के अक्षांशों में परिवर्तन से प्रदेश में मई महीने में आए अत्यधिक सक्रिय और 6 पश्चिमी विक्षोभों के कारण बारिश ने 105 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल मई में औसत 13.6 मिलीमीटर की तुलना में 62.4 मिमी पानी बरसा। प्रदेश में 458 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। सर्वाधिक बारिश सीकर जिले में हुई जहां पांच इंच से अधिक पानी बरसा। सबसे कम बारिश प्रदेश के बरसात वाले जिले बांसवाड़ा में हुई। वहां मई महीने में बारिश का औसत 4.7 है। वहां 7.8 मिमी बारिश ही मापी गई। मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले वर्ष 1917 के मई महीने में सर्वाधिक 71.9 मिमी बरसात हुई थी। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन के तौर पर देख रहे हैं।
क्यों हुई मई में इतनी बारिश
दरअसल ऊपरी हवाओं में चलने वाली जेट स्ट्रीम इस बार 10 डिग्री अक्षांश नीचे सरक राजस्थान के ऊपर आ गई, जिसके चलते हिमालय के ऊपर से निकल जाने वाले पश्चिमी विक्षोभ नीचे आ गए और तूफानी मौसम ने मानसून जैसी बरसात करवाई।
मई में 500 प्रतिशत से अधिक बारिश वाले जिले
जिला ——-सामान्य——- वास्तविक — अंतर (प्रतिशत में)
बूंदी ———— 7 ———— 55.4 ———— 692
अजमेर——–11.4———— 79.7———— 599
स.माधोपुर—- 10.7 ——– 66 —————-517
नागौर ——– 18.9——–118.9—————-529
पाली ——– 11 ——– 66.3 —————- 503
(सामान्य व वास्तविक बारिश मिलीमीटर में है।)
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मई में सर्वाधिक बारिश प्राप्त करने वाले जिले
सीकर ———- 125.8 मिमी
नागौर ———- 118.9 मिमी
चूरू ———- 107.9 मिमी
झुंझनूं ———- 107.9 मिमी
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123 साल में मई महीने की प्रमुख बारिश वाले वर्ष
वर्ष ——- बरसात
1917 ——- 71.9 मिमी
1920 ——- 47.7 मिमी
1982 ——- 37.6 मिमी
2021 ——- 50.5 मिमी
2023 ——- 62.4 मिमी
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ग्लोबल एयर सर्कुलेशन बदलने से मई में पश्चिमी विक्षोभ न केवल अधिक आए, बल्कि ताकतवर भी थे। जेट स्ट्रीम के अक्षांश बदलना भी एक कारण है।
आरएस शर्मा, निदेशक, भारतीय मौसम विभाग जयपुर