
जालोर के 5 पुलिसकर्मियों से क्यों हो रही है 2.36 लाख की वसूली
- राजकीय सेवा में होने के बावजूद माता-पिता ने उठाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन
जालोर. राजकीय सेवा में होने के बावजूद बागोड़ा क्षेत्र के आसपास रहने वाले पांच पुलिसकर्मियों के माता-पिता बीते चार-पांच साल से सामाजिक सुरक्षा पेंशन उठा रहे हैं। भौतिक सत्यापन में पोल खुलने के बाद जालोर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्द्धन अग्रवाला ने पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया है। सभी को पेंशन की राशि अब राजकोष में जमा करानी पड़ेगी।
राज्य सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, विधवा महिला और दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देती है। इन श्रेणी के व्यक्तियों को अधिकतर ₹750 प्रतिमाह मिलते हैं। राजकीय सेवा में कार्यरत कार्मिकों के माता-पिता सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं उठा सकते हैं। बावजूद इसके कई सेवारत कर्मचारियों के माता पिता चोरी चुपके पेंशन उठा रहे हैं। जालोर उपखंड कार्यालय बागोड़ा में भौतिक सत्यापन के दौरान एक सहायक उप निरीक्षक, 3 हेड कांस्टेबल और 1 कांस्टेबल के माता-पिता के पेंशन लेने का खुलासा हुआ। अब इन सबसे पेंशन की राशि वसूल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इनसे होगी वसूली
सहायक उप निरीक्षक देरामाराम से 19,500, कांस्टेबल उम्मेदाराम से 32,750, हेड कांस्टेबल शकूर खां से 57,750, हेड कांस्टेबल रामेश्वरलाल से 29,500 और हेड कांस्टेबल वजाराम से 95, 500 रुपए की राशि वसूल की जाएगी। इस सूची में हेड कांस्टेबल वजाराम एकमात्र पुलिसकर्मी है जिनके माता और पिता दोनों ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे थे।
गौरतलब है कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा देने के लिए कुछ विशेष वर्ग के लिए यह योजना शुरू की है ताकि उनको दर दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ी लेकिन कई बार अपात्र लोग भी इसका फायदा उठा लेते हैं।
Published on:
02 Dec 2022 09:18 am
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