
Mahakumbh 2025: जालोर। प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धा भाव परवान पर है। आस्था के इस महापर्व में जिले से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शरीक हो चुके और कुछ यातायात के साधन मुहैया नहीं होने से इंतजार में है।
महाकुंभ में शरीक होने के लिए इंतजार करने वालों की सूची लंबी है। मामले में खास बात यह है कि जोधपुर मंडल की ओर से नियमित ट्रेनों के अलावा महापर्व को लेकर कुंभ स्पेेशल रेल सेवा शुरु की जा रही है, लेकिन ये ट्रेनें बाड़मेर से रवाना होगी।
वर्तमान में परेशानी का मुख्य कारण ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट है। इस अहम धार्मिक यात्रा को करने वाले बड़ी संख्या में है, लेकिन जो वेटिंग लिस्ट है। वह यात्रा में सबसे बड़ी अड़चन है।
224 किमी लंबे इस अहम रेल खंड में बड़ी संख्या में यात्री कुंभ की यात्रा कर रहे हैं तो बहुत बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा के इच्छुक भी है। इस रेल खंड से एक भी ट्रेन का संचालन इस रेल खंड से नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतें ज्यादा है।
बता दें जालोर से बाड़मेर की दूरी 156 किमी तो जोधपुर की 150 किमी है। यह बड़ी अड़चन है, जिसके कारण बूढ़े बुजुर्ग इच्छाशक्ति के बावजूद श्रद्धा के पर्व में डुबकी लगाने से वंचित है। दूसरी तरफ फालना से चलने वाली तमाम ट्रेनें भी पैक है।
उत्तरप्रदेश की तरफ जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग की बड़ी लिस्ट है। प्रयागराज, वाराणवी, अयोध्या समेत अन्य धार्मिक नगरी को जाने वाली ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं है। श्रद्धा भाव रखने वाले लोगों के लिए ये हालात मायूसी भरे है।
04811 बाड़मेर-बरौनी महाकुंभ स्पेशल ट्रेन: बाड़मेर से 24 जनवरी, 7 फरवरी और 14 फरवरी को चलेगी।
04812 बरौनी-बाड़मेर महाकुंभ स्पेशल ट्रेन: बरौनी से 26 जनवरी, 9 फरवरी और 16 फरवरी को चलेगी।
कुंभ यात्रा के इच्छुक लोगों से पत्रिका ने बातचीत की तो सामने आया कि लोग यात्रा करना चाहते हैं। इसमें बुजुर्गों की संख्या भी अधिक है। लेकिन सबसे अधिक परेशानी दूरी से है। ट्रेन ही सुगम सफर का पर्याय है। लेकिन वेटिंग लंबी होने से टिकट कन्फर्म होने का भरोसा नहीं है।
इसी तरह तत्काल कोटे से टिकट बन पाएगा, ऐसी संभावना भी कम है। पत्रिका ने जोधपुर मंडल और फालना से गुजर रही प्रमुख ट्रेनों की स्थिति का आंकलन किया है, जिनमें वर्तमान में वेटिंग है। ये ट्रेनें प्रयागराज, वाराणसी अयोध्या समेत आस पास के क्षेत्रों तक पहुंचती है।
मुझे मौनी अमावस्या पर प्रयागराज कुंभ पहुंचना है, ट्रेनों की स्थिति जांची तो सभी में वेटिंग आ रही है। अब बसों या अन्य साधनों से ही वहां तक पहुंचना संभव हो पाएगा।
-शांतिलाल सोनी, प्रयागराज यात्री
मैं परिवार के साथ प्रयाग जाना चाह रहा हूं। रेल का सफर ही सबसे बेहतर और आरामदायक है। लगभग सभी ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं, दूसरे विकल्प तलाश रहा हूं।
-राजेंद्र कुमार, व्यापारी
Updated on:
18 Jan 2025, 4:13 PM IST
Published on:
18 Jan 2025, 4:08 PM IST
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